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राजस्थान में चिटफंड कंपनियों पर लगाम के लिए बनेगा कानून

राजस्थान सरकार ने ग्राहकों से धोखा करने वाली चिटफंड कंपनियों पर लगाम कसने के लिए कानून बनाने का फैसला किया है।

Author जयपुर | September 23, 2016 2:20 AM
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे।

राजस्थान सरकार ने ग्राहकों से धोखा करने वाली चिटफंड कंपनियों पर लगाम कसने के लिए कानून बनाने का फैसला किया है। इससे लोगों को चिटफंड कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार मिल सकेगा। धोखाधड़ी करने वाली कंपनियों की संपत्ति कुर्क कर ग्राहकों को रकम दिलवाने के लिए सरकार ने कानून बनाने का फैसला किया है। राज्य मंत्रिमंडल की गुरुवार को यहां मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई अहम फैसले किए गए। बैठक के बाद संसदीय कार्यमंत्री राजेंद्र राठौड़ ने बताया कि अब गैरबैकिंग कंपनियां अपने ग्राहकों को धोखा नहीं दे सकेंगी। कंपनियों की बढ़ती धोखाधड़ी से लोगों को बचाने के मकसद से ही सरकार ने उन्हें कानून के दायरे में लाने का फैसला किया है। इसको गुरुवार को अपनी मंजूरी दी है।

सरकार को शिकायतें मिली थीं कि कई कंपनियां विज्ञापनों के जरिए लोगों की कमाई का पैसा ऐंठती थी। कंपनियों के भुगतान के समय आनाकानी करने और भाग जाने की शिकायतें बढ़ गई थी। इसके लिए किसी तरह का कानूनी प्रावधान नहीं था। गैर बैंकिंग कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी लाने और उनकी संपत्तियों को कुर्क कर उपभोक्ताओं को पैसा लौटाने के लिए ही राजस्थान प्रोटेक्शन आफ इंटरेस्ट आफ डिपोजिटर्स एक्ट को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके बाद अब जिला कलेक्टर को अधिकार मिल जाएगा कि कंपनियों को सुनवाई का अधिकार देकर शिकायत पर कार्रवाई की जा सकेगी। इसमें एक साल तक सुनवाई की समय सीमा निर्धारित कर दोषी कंपनी के खिलाफ जुर्माना और सजा का प्रावधान भी किया गया है।

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इसके लिए हर जिले में डेजिनेटेड कोर्ट स्थापित होंगे। यह विषय समवर्ती सूची में होने के कारण राज्यपाल की मंजूरी के बाद राष्ट्रपति तक जाएगा। राठौड़ ने बताया कि मंत्रिमंडल ने कई फैसले भी किए हैं। इसमें निर्वाण यूनिवर्सिटी को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत जयपुर में बस्सी के पास मेडिकल विश्वविद्यालय की स्थापना होगी। इसके तहत राज्य में करीब ढाई सौ करोड़ रुपए का निवेश होगा और करीब दस हजार लोगों को रोजगार भी मुहैया होगा। इसके अलावा खुफिया ब्यूरो को जयपुर में जमीन आबंटन का फैसला किया गया। कैबिनेट ने राजस्थान लोक सेवा आयोग के कामकाज की भी सराहना की। आयोग मौजूदा समय में पूरी पारदर्शिता के साथ कई भर्ती परीक्षाओं का आयोजन कर रहा है। इस साल 31 दिसंबर तक आयोग करीब तीस हजार युवाओं की भर्ती परीक्षा का आयोजन कर लेगा।

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