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लालू यादव ने रियायत की अपील करते जज से कहा, ‘धूमधाम से मनाता हूं मकर संक्रांति’, जज बोले- जेल में भिजवा दूंगा दही-चूड़ा

बुधवार को लालू और अन्य अभियुक्तों की सीबीआई की विशेष अदालत में पेशी हुई। लालू ने इस दौरान जज शिवपाल सिंह से हफ्ते में उनसे मिलने वाले आगंतुकों की संख्या को बढ़ाने की दरख्वास्त की।

पटना में अपने आवास पर देशी अंदाज में खाते लालू प्रसाद यादव। (फाइल फोटो)

चारा घोटाले के देवघर ट्रेजरी मामले में दोषी पाए गए बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी नेता लालू यादव इस वक्त झारखंड स्थित रांची की जेल में बंद हैं। वह आठवीं बार जेल में हैं, लेकिन इस बार उनके साथ प्रशासन काफी कड़ाई से पेश आ रहा है। रूल बुक के नियम-कानून के आगे वह बेबस नजर आ रहे हैं। यह बात बुधवार को तब सामने आई, जब लालू ने जज के सामने रियायत की अपील की। उन्होंने कहा कि हर साल वह मकर संक्रांति धूमधाम से मनाते हैं। पर्व पर दही चूड़ा खाते हैं। ऐसे में उन्हें पर्व के दौरान तीन से अधिक समर्थकों से मिलने दिया जाए। मगर जज ने इस आधार पर रियायत बरतने से साफ इन्कार कर दिया। हालांकि, उन्होंने इतना जरूर कहा कि वह पर्व के दौरान उनके लिए जेल में ही दही-चूड़े का बंदोबस्त करा देंगे। बता दें कि जेल में नियमों के अनुसार, लालू से हफ्ते में सिर्फ तीन लोग ही मुलाकात कर पाते हैं। उन्होंने इसी संख्या को बढ़ाने के लिए जज से अपील की थी।

बुधवार को लालू और अन्य अभियुक्तों की सीबीआई की विशेष अदालत में पेशी हुई। लालू ने इस दौरान जज शिवपाल सिंह से हफ्ते में उनसे मिलने वाले आगंतुकों की संख्या को बढ़ाने की दरख्वास्त की। उन्होंने आगे इस बाबत मकर संक्रांति पर्व का हवाला दिया। कहा, “मेरे घर पर हर साल धूमधाम से दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया जाता है। ऐसे में उन्हें समर्थकों से मुलाकात करने दी जाए। आपके पास तो अत्यधिक अधिकार हैं। आप ऐसा संभव कर सकते हैं।”

जज इस पर जवाव देते हुए बोले, “लेकिन यह अधिकार विधायिका में निहित हैं। मैं आपके लिए जेल के भीतर ही दही और चूड़े का बंदोबस्त करा दूंगा।” (झीनी सी मुस्कान देते हुए)। चूंकि लालू जेल में साढ़े तीन साल की सजा काट रहे हैं। ऐसे में इस साल बिहार में पटना स्थित आवास पर इस साल दही-चूड़ा भोज नहीं होगा। आरजेडी के एक नेता ने भी इस बारे में पुष्टि की है। उनका कहना है कि इस बार 10 सर्कुलर रोड स्थित पूर्व सीएम राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर हर साल की तरह मकर संक्रांति पर दही-चूड़ा भोज नहीं होगा।

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