Delhi Parks Security Audit: दक्षिण दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 साल की नाबालिग बच्ची के साथ हुई शर्मनाक घटना के बाद दिल्ली पुलिस एक्शन मोड में है। पुलिस ने राजधानी के प्रमुख पार्कों और हरित क्षेत्रों का जमीनी स्तर पर सुरक्षा ऑडिट किया है। इस ऑडिट में पाया गया कि दिल्ली के कई बड़े और लोकप्रिय पार्कों में सीसीटीवी कैमरों की भारी कमी है, लाइटें खराब हैं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।
इसी स्थिति को देखते हुए पुलिस ने संबंधित विभागों से तुरंत अतिरिक्त कैमरे और लाइटें लगाने की सिफारिश की है। सुरक्षा समीक्षा के दौरान उत्तरी और दक्षिणी दिल्ली के कई संवेदनशील हरित क्षेत्रों में निगरानी तंत्र पूरी तरह ठप पाया गया। हौज रानी वन क्षेत्र, बोंटा पार्क और कुदसिया बाग जैसे इलाकों में अपराधियों के लिए मुफीद माहौल बनाने वाले अंधेरे कोने (डार्क स्पॉट्स) चिन्हित किए गए हैं।
पुलिस का मानना है कि पार्कों में उचित रखरखाव और प्रवेश नियंत्रण न होने के कारण असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बना रहता है, जिससे महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडराता है।
हौज रानी वन क्षेत्र और जामुन वाला पार्क में भारी कमियां
दक्षिण दिल्ली के हौज रानी वन क्षेत्र का जायजा लेने पर पुलिस को पता चला कि इतने बड़े इलाके में एक भी सीसीटीवी कैमरा चालू स्थिति में नहीं है। पुलिस ने सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत इस इलाके में तुरंत 32 नए सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव भेजा है। हालांकि हालिया घटना के बाद यहां बंद पड़ी लाइटों को ठीक किया गया है, लेकिन पुलिस अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में केवल 70 प्रतिशत लाइटें ही काम कर रही हैं। बाकी 30 प्रतिशत हिस्से में अभी भी अंधेरा छाया रहता है।
सुरक्षा चिंताओं को बढ़ाते हुए पुलिस ने पेड़ों की छंटाई की मांग भी उठाई है। झाड़ियों और घने पत्तों के कारण मौजूदा स्ट्रीट लाइटों की रोशनी जमीनी रास्तों तक नहीं पहुंच पाती है। इसके अलावा, हौज रानी वन क्षेत्र के बंद होने का आधिकारिक समय रात 8 बजे तय है, लेकिन इसके बावजूद लोग समय बीत जाने के बाद भी अंदर मौजूद रहते हैं। वहीं मैक्स अस्पताल के पास स्थित जामुन वाला पार्क में न तो लाइटें हैं और न ही कैमरे, जिसके लिए पुलिस ने अलग से सुरक्षा इंतजाम मांगे हैं।
उत्तरी दिल्ली के बोंटा पार्क और कुदसिया बाग की जमीनी हकीकत
उत्तरी दिल्ली के प्रसिद्ध बोंटा पार्क में भी सुरक्षा व्यवस्था बेहद लचर पाई गई है। दिल्ली विश्वविद्यालय के पास स्थित इस पार्क में हर दिन हजारों छात्र और स्थानीय लोग आते हैं, लेकिन यहां सिर्फ तीन सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। दिल्ली पुलिस ने स्थिति को देखते हुए पांच और कैमरे लगाने का आग्रह किया है। इसके अलावा, पार्क में रोशनी के नाम पर महज तीन लाइटें चालू हैं, जिन्हें दुरुस्त करने के लिए छह अतिरिक्त लाइटें लगाने की मांग नगर निगम से की गई है।
ऐतिहासिक कुदसिया बाग में भी सुरक्षा का कुछ ऐसा ही हाल देखने को मिला। यहाँ महज दो सीसीटीवी कैमरे चालू हालत में पाए गए, जिसकी भरपाई के लिए पुलिस ने सात और कैमरे लगाने का सुझाव दिया है। इस पार्क के जॉगिंग और वॉकिंग ट्रैक पर अंधेरा रहता है, जिससे शाम के समय वॉक करने वाले लोगों को डर के साए में रहना पड़ता है। पुलिस ने यहाँ दो मौजूदा लाइटों के अलावा 10 नई हाई-मास्ट लाइटें लगाने के लिए संबंधित नागरिक एजेंसी को पत्र लिखा है।
घटना ने उजागर की व्यवस्था की खामियां
यह पूरी जांच दक्षिण दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में घटी उस दर्दनाक घटना के बाद शुरू हुई, जहां एक 17 साल की लड़की के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। जांच में खुलासा हुआ था कि पार्क के जिस हिस्से में यह जघन्य वारदात हुई, वहां रोशनी का कोई इंतजाम नहीं था और न ही कोई सीसीटीवी कैमरा कवरेज थी। इतना ही नहीं, पार्क के मुख्य प्रवेश और निकास द्वारों पर लगे कई सुरक्षा कैमरे लंबे समय से खराब पड़े थे।
इस घटना ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और अन्य नागरिक निकायों के रखरखाव के दावों की पोल खोल दी थी। पार्कों में सुरक्षा गार्डों की कमी और खराब बुनियादी ढांचे के कारण अपराधी आसानी से इन हरित क्षेत्रों को अपना ठिकाना बना लेते हैं। इसी लापरवाही को देखते हुए दिल्ली पुलिस अब दिल्ली के हर छोटे-बड़े पार्क का सुरक्षा रिपोर्ट कार्ड तैयार कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों को रोका जा सके।
सेफ सिटी प्रोजेक्ट और सिविक एजेंसियों के साथ तालमेल
दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार का ‘सेफ सिटी प्रोजेक्ट’ चलाया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहर के हर कोने को सीसीटीवी निगरानी, एआई-आधारित फेशियल रिकग्निशन और आधुनिक लाइट व्यवस्था से लैस करना है। पुलिस अब इस प्रोजेक्ट के जरिए पार्कों के ब्लैक स्पॉट्स को खत्म करने में जुटी है, ताकि कोई भी इलाका निगरानी से बाहर न रहे।
सुरक्षा व्यवस्था को धरातल पर मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस लगातार दिल्ली नगर निगम (MCD), दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठकें कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ कैमरे लगाना काफी नहीं है, बल्कि नियमित पुलिस गश्त, पार्कों की बाउंड्री वॉल को ऊंचा करना, पेड़ों की छंटाई और समय पर पार्क खाली कराना अनिवार्य है।
यह भी पढ़ें: दिल्ली पुलिस की हिरासत में सौरभ भारद्वाज, कर रहे थे मंत्री प्रवेश वर्मा पर FIR दर्ज करने की मांग
आम आदमी पार्टी (AAP) ने रविवार रात को पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर इलाके में दिल्ली सरकार में डिप्टी सीएम और पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह उर्फ प्रवेश वर्मा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। आप कार्यकर्ता प्रवेश साहिब सिंह के खिलाफ कथित तौर पर थप्पड़ मारने की घटना को लेकर FIR दर्ज करने की मांग कर रहे थे। इस प्रदर्शन की अगुवाई सौरभ भारद्वाज कर रहे थे। पढ़िए पूरी खबर…
