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इस बैंक में सिर्फ चलती है भगवान राम की मुद्रा, ब्याज के रूप में मिलती है आत्मिक शांति

15 जनवरी से प्रयागराज में कुंभ का आगाज हो गया है ऐसे में एक बैंक ऐसा भी है जहां भगवान सिर्फ भगवान राम की मुद्रा चलती है और ब्याज के रूप में आत्मिक शांति मिलती है।

Kumbh Mela 2019: कुंभ मेला, फोटो सोर्स- कुमार सम्भव जैन

15 जनवरी से प्रयागराज में कुंभ का आगाज हो गया है ऐसे में एक बैंक ऐसा भी है जहां भगवान सिर्फ भगवान राम की मुद्रा चलती है और ब्याज के रूप में आत्मिक शांति मिलती है। ये एक ऐसा बैंक है जिसमें आत्मिक शांति की तलाश कर रहे लोग करीब एक सदी से पुस्तिकाओं में भगवान राम का नाम लिखकर जमा करा रहे हैं। इस अनूठे बैंक का प्रबंधन देखने वाल आशुतोष के दादा ने 20वीं सदी की शुरुआत में संगठन की स्थापना की थी। वहीं आशुतोष अपने दादा की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।

सेक्टर छह में लगा है शिविर: बता दें कि आशुतोष ने कुंभ मेले के सेक्टर 6 में अपना शिविर लगाया है। उन्होंने कहा कि इस बैंक की स्थापना मेरे दादा ईश्वर चंद्र ने की थी, जो कारोबारी थे। अब इस बैंक में विभिन्न आयु वर्गों और धर्मों के एक लाख से अधिक खाता धारक हैं। इसके साथ ही आशुतोष ने बताया कि ये बैंक एक सामाजिक संगठन ‘राम नाम सेवा संस्थान’ के तहत चलता है और कम से कम नौ कुंभ मेलों में इस स्थापित किया जा चुका है। बैंक में कोई मौद्रिक लेनदेन नहीं होता है।

बैंक में कैसे करते हैं काम: बैंक के सदस्यों के पास 30 पृष्ठीय एक पुस्तिका होती है जिसमें 108 कॉलम में हर दिन 108 बार राम नाम लिखते हैं। ये पुस्तिका व्यक्ति के खाते में जमा की जाती है।

लाल स्याही से लिखते हैं राम नाम: आशुतोष ने बताया कि भगवान राम का नाम लाल स्याही से लिखा जाता है क्योंकि ये रंग प्रेम का प्रतीक है। बैंक की अध्यक्ष गुंजन ने बताया कि खाताधारक के खाते में भगवान राम का दिव्य नाम जमा होता है। अन्य बैंकों की तरह पासबुक जारी की जाती है। ये सभी सेवाएं नि:शुल्क दी जाती है। इस बैंक में केवल भगवान राम के नाम की ही मुद्रा ही चलती है।

इसे कहते हैं लिखित जाप: बैंक की अध्यक्ष गुंजन ने बताया कि राम नाम लिखने को लिखित जाप कहते हैं। स्वर्णिम अक्षरों को लिखने से अंतरात्मा के पूर्ण समर्पण और शांति का बोध होता है। सभी इन्द्रियां भगवान की सेवा में लिप्त हो जाती हैं। आशुतोष ने कहा कि केवल किसी एक धर्म के लोग ही नहीं बल्कि विभिन्न धर्मों के लोग उर्दू, अंग्रेजी और बंगाली में भगवान राम का नाम लिखते हैं।

 

2012 से पीटरसन दास लिख रहे भगवान राम: ईसाई धर्म का पालन करने वाले पीटरसन दास 2012 से भगवान राम का नाम लिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘ईश्वर एक है, भले ही वह राम हो, अल्लाह हो, यीशु हो या नानक हो।’ पांच साल से इस बैंक से जुड़े सरदार पृथ्वीपाल सिंह (50) ने कहा, ‘भगवान राम और गुरू गोविंद सिंह महान थे। उनके विचारों का अनुसरण करना हर मनुष्य का परम कर्तव्य है।’

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