ताज़ा खबर
 

कुंभ: 77 साल के मुल्लाजी का साधुओं से 33 वर्षों से नाता, नमाज के लिए मिलती है जगह

महमूद कहते हैं, ''मुझे गर्व हैं और खुशी महसूस करता हूं कि वे परिवार के सदस्य की तरह मुझे सम्मान देते हैं। हालांकि मैं यहां से पैसा कमाता हूं लेकिन आध्यात्मिक संतोष अब ज्यादा महत्वपूर्ण है। मैं साधुओं के साथ रहकर अच्छी चीजें सीखता हूं।''

Author Updated: January 15, 2019 3:07 PM
Kumbh Mela 2019: प्रयागराज: कुम्भ मेला, फोटो सोर्स- कुमार सम्भव जैन

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के 77 वर्षीय मोहम्मद महमूद का प्रयागराज के कुंभ मेले से पुराना नाता है। मोहम्मद महमूद को आमतौर पर मुल्लाजी कहकर बुलाया जाता है। मुल्लाजी कुंभ में जूना अखाड़ा के लिए वर्षों से बिजली की व्यवस्था करते आ रहे हैं। टीओआई की खबर के मुताबिक मुल्लाजी पिछले 33 वर्षों से साधुओं के आखाड़े में रौशनी का प्रबंध कर रहे हैं। मुल्लाजी कहते हैं, ”मैं एक इलेक्ट्रीशियन हूं और मेरा हुनर रात के समय कुंभ मेले में देखा जा सकता है जब साधुओं के तंबू सभी रंगों की चमकदार रोशनी से सराबोर दिखाई देते हैं।” अपने काम को याद करते हुए महमूद बताते हैं, ”मैं जूना अखाड़ा के साधुओं से 33 साल पहले संपर्क में आया था। उस समय मैं जवान था और अखाड़ा संस्कृति को लेकर मुझे बहुत कम अनुभव और ज्ञान था लेकिन कुछ समय बाद मैं माहौल में ढल गया और साधुओं से घुलमिल गया। जब कुंभ करीब होता है तो वे मुझे बिजली लगाने के लिए सूचित कर देते हैं।”

महमूद कहते हैं, ”मुझे गर्व हैं और खुशी महसूस करता हूं कि वे परिवार के सदस्य की तरह मुझे सम्मान देते हैं। हालांकि मैं यहां से पैसा कमाता हूं लेकिन आध्यात्मिक संतोष अब ज्यादा महत्वपूर्ण है। मैं साधुओं के साथ रहकर अच्छी चीजें सीखता हूं।” महमूद के मुताबिक कुंभ की जगह पर उन्हें साधुओं द्वारा नमाज के लिए जगह दी जाती है। वह कहते हैं, ”यहां कोई भेदभाव नहीं है। वे मुझसे अच्छे से पेश आते हैं। जो खाना वे खाते हैं वहीं मुझे देते हैं। मैं आध्यात्मिक तौर पर उठा हुआ महसूस करता हूं।”

मुल्लाजी के मुताबिक मुजफ्फरनगर में सरबर गेट पर उनकी एक बिजली की दुकान हैं। एक बेटा और तीन बेटियां मिलाकर उनके घर में 6 लोग है। बेटा कामकाज में उनका हांथ बंटाता है। महमूद बताते हैं कि त्योहारों पर भी वह बिजली का काम करते हैं और लोग उन्हें ‘मुल्लीजी लाइट वाले’ कहकर बुलाते हैं। बता दें कि प्रयागराज में कुंभ मेला शुरू हो चुका है। मंगलवार (15 जनवरी) को मकरसंक्रांति के पर्व पर प्रयागराज के संगम में लोगों ने आस्था की डुबकियां लगाईं। यह मेला 4 मार्च तक चलेगा। 15 जनवरी को कुंभ का पहला शाही स्नान संपन्न हुआ। इस मेले में देश और दुनिया से लोग पहुंचते हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 सीबीआई में एक भी अभियोजन निदेशक नहीं, मंत्रालयों से मांगे गए नाम
2 सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने वाली पहली महिला अस्पताल में भर्ती, सास पर पिटाई का आरोप
3 प्रयागराज : कुंभ मेले में लगा जाम, एक घंटे तक फंसा रहा श्री पंच निर्मोही अनी अखाड़े का काफिला