ताज़ा खबर
 

सदन में आज बहुमत साबित करेंगे कुमारस्वामी

कांग्रेस के 78 विधायक हैं जबकि कुमारस्वामी के जद (सेकु) के 36 और बसपा का एक विधायक हैं। गठबंधन ने केपीजेपी के एकमात्र विधायक और एक निर्दलीय विधायक के समर्थन का भी दावा किया है। कुमारस्वामी ने दो सीटों पर जीत दर्ज की थी।

Author May 25, 2018 5:06 AM
कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री एचडी कुमारस्‍वामी (image source-PTI)

कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी शुक्रवार को विधानसभा में बहुमत परीक्षण का सामना करेंगे। जद (सेकु)-कांग्रेस-बसपा गठबंधन के नेता कुमारस्वामी ने मंगलवार को विपक्ष के तमाम बड़े नेताओं की मौजदूगी में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। कांग्रेस के 78 विधायक हैं जबकि कुमारस्वामी के जद (सेकु) के 36 और बसपा का एक विधायक हैं। गठबंधन ने केपीजेपी के एकमात्र विधायक और एक निर्दलीय विधायक के समर्थन का भी दावा किया है। कुमारस्वामी ने दो सीटों पर जीत दर्ज की थी। भाजपा के बीएस येदियुरप्पा ने 17 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, लेकिन सदन में विश्वास मत हासिल करने से पहले ही उन्होंने इस्तीफा देने की घोषणा कर दी थी।

इस बीच भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए अपने वरिष्ठ नेता और पांच बार के विधायक एस सुरेश कुमार को उतारा है। कांग्रेस के रमेश कुमार ने सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में इस पद के लिए अपना नामांकन भरा। भाजपा उम्मीदवार ने कहा, संख्या बल और कई अन्य कारकों के आधार पर हमारी पार्टी के नेताओं को विश्वास है कि मैं जीतूंगा। इसी विश्वास के साथ मैंने नामांकन दाखिल किया है। यह पूछने पर कि भाजपा के केवल 104 विधायक हैं तो ऐसे में उनके जीतने की संभावना क्या है, सुरेश कुमार ने कहा, मैंने नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। कल दोपहर सवा बारह बजे चुनाव है। चुनाव के बाद आपको पता चल जाएगा। कांग्रेस विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गठबंधन उम्मीदवार की जीत के बारे में विश्वास जताया।

मुख्यमंत्री मसले पर अभी चर्चा नहीं हुई है : परमेश्वर

विश्वास मत पर मतदान से एक दिन पहले कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि गठबंधन ने कुमारस्वामी के पूरे पांच साल मुख्यमंत्री बने रहने के तौर-तरीकों पर अब तक चर्चा नहीं की है। यह पूछने पर कि क्या कुमारस्वामी पूरे पांच साल मुख्यमंत्री रहेंगे तो परमेश्वर ने कहा, हमने उन तौर-तरीकों पर अब तक चर्चा नहीं की है। अभी इस बात पर फैसला किया जाना भी बाकी है कि कौन से विभाग उन्हें दिए जाएंगे और कौन हम लोगों के पास रहेगा। उन्हें पांच साल रहना चाहिए या हमें भी मिलेगा, उन तमाम विषयों पर हमने अब तक चर्चा नहीं की है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App