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कोलकाता: मदरसा शिक्षकों को गेस्ट हाउस से निकाला, बोले- सोच भी नहीं सकता कि बंगाल में ऐसा होगा

शिक्षकों के मुताबिक इसके बाद उन्हें एक दूसरे गेस्ट हाउस ले जाया गया, जहां उनसे 45 मिनट तक इंतजार करने के लिए कहा गया।

Madarsa teacherशिक्षक यहां एक बैठक करने के लिए जमा हुए थे। प्रतीकात्मक तस्वीर। फोटो सोर्स – Express photo by Jaipal Singh

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में कुछ मदरसा शिक्षकों को गेस्ट हाउस से निकाल कर बाहर कर दिया गया। इस घटना के बाद इन शिक्षकों ने कहा कि पश्चिम बंगाल में उनके साथ ऐसा होगा वो ऐसा सोच भी नहीं सकते थे। दरअसल 10 मदरसा शिक्षकों के एक ग्रुप ने सॉल्ट लेक इलाके में एक गेस्ट हाउस बुक किया था। यह सभी शिक्षक माल्दा से आए थे। इस वक्त राज्य शिक्षा विभाग का मुख्यालय इसी गेस्ट को बनाया गया है। सभी शिक्षकों को यहां एक मीटिंग में हिस्सा लेना था। लेकिन गेस्ट हाउस में चेक-इन करने के कुछ ही देर बाद गेस्ट हाउस प्रबंधन ने उन्हें बाहर जाने के लिए कह दिया।

एक शिक्षक ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि उन्हें एक गेस्ट हाउस से दूसरे गेस्ट हाउस में जाने के लिए कहा गया। लेकिन यहां उनकी पहचान, उनके ननाम और उनके कपड़ों की वजह से उन्हें कमरा नहीं दिया गया। अलीपुर मदरसा शिक्षा केंद्र के प्रधानाध्यापक महबर रहमान ने ‘The Telegraph’ से बातचीत में कहा कि उन्हें कमरा ना देने की वजह से सुनकर वो दंग रह गए। उन्होंने कहा कि ‘हम कोलकाता से यहां काम के सिलसिले में आए थे और अक्सर हम लॉज में ठहरते हैं। इस बार हम लॉकडाउन की वजह से कई महीनों बाद यहां आए। हमने ऐसी समस्या का सामना इससे पहले कभी नहीं किया है। यह सोच कर हमारा दिल टूट गया कि ऐसा पश्चिम बंगाल में भी हो सकता है।’

जो 10 शिक्षक यहां बैठक में हिस्सा लेने के लिए आए थे उनमें से 8 मदरसा स्कूलों के प्रधानाध्यापक थे। शिक्षकों ने बताया कि रविवार की रात 9.30 बजे वो माल्दा से निकले थे और सोमवार की सुबह 6 बजे वो सॉल्ट लेक पहुंचे थे। उस वक्त बाइक पर आए एक युवक ने खुद को गेस्ट हाउस का कर्मचारी बताते हुए उन्हें गेस्ट हाउस तक पहुंचने में मदद की थी। यहां आने के बाद हमने अपना पहचान पत्र दिया और हमें तीन कमरे दिये गये। हमने उसी समय साफ-साफ बताया था कि हम यहां 3.30 बजे तक रुकेंगे। गेस्ट हाउस में फ्रेश होने के बाद हम बाजार नाश्ता करने के लिए चले गए। ‘

शिक्षकों के मुताबिक जब वो 9.30 बजे वापस आए तो यहां के एक कर्मचारी ने उनसे कहा कि उन्हे 10 बजे तक कमरा खाली कर देना होगा। हमने विरोध किया तब उन्होंने हमें दूसरा गेस्ट हाउस मुहैया कराने की बात कही। हम दूसरे गेस्ट हाउस में जाने के लिए तैयार हो गए।

शिक्षकों के मुताबिक इसके बाद उन्हें एक दूसरे गेस्ट हाउस ले जाया गया, जहां उनसे 45 मिनट तक इंतजार करने के लिए कहा गया। इसके बाद एक प्रधानाध्यापक ने पश्चिमबाग ikshak Aikya Mukta Mancha के सचिव, मोइदुद्ल इस्लाम को फोन किया जिसके बाद उनके लिए कमरे की बुकिंग संभव हो पाई।

इधर इस पूरे मामले पर सीएल ब्लॉक गेस्ट हाउस की तरफ से कहा गया है कि शिक्षकों को इसलिए कमरे नहीं दिये गये क्योंकि इस गेस्ट हाउस में सिर्फ ऑनलाइन बुकिंग की जाती है। इस गेस्ट हाउस के मालिक तन्मय मुखर्जी ने कहा कि ‘ हम सुबह 10 बजे से ऑनलाइन बुकिंग लेते हैं..इसलिए हमारे पास उन्हें जाने के लिए कहने के सिवा और कोई दूसरा विकल्प नहीं था। हमने उनके लिए दूसरे गेस्ट हाउस का इंतजाम करने की कोशिश की लेकिन वहां भी कमरा उपलब्ध नहीं था।’

बाद में मदरसा शिक्षा के निदेशक अबीद हुसैन और एक सीनियर अधिकारी ने शिक्षकों से फोन पर संपर्क किया और इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि इस मामले की जांच होगी।

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