कोलकाता में एक निर्माणाधीन गोदाम की छत ढहने से 15 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई थी। SIT ने कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम के पूर्व ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) कालीचरण बंद्योपाध्याय को गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को कालीचरण बंद्योपाध्याय को कोलकाता की एक अदालत में पेश किया गया और उन्हें 4 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया।
कालीचरण बंद्योपाध्याय को ‘काली’ नाम से ज़्यादा जाना जाता है। स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर सौरिन घोषाल ने कोर्ट के सामने कहा कि कालीचरण बंद्योपाध्याय गोदाम के निर्माण लाइसेंस देने में सीधे तौर पर शामिल थे। उन्होंने मामले की जांच के लिए और यह पता लगाने के लिए आरोपी की पुलिस कस्टडी मांगी कि कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KMC) से लाइसेंस देने के लिए कथित रैकेट का हेड कौन था, जिसका आरोपी हिस्सा था।
6 लोगों को किया जा चुका है गिरफ्तार
अब तक गोदाम गिरने के मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी। कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “वेयरहाउस के कंस्ट्रक्शन और मैनेजमेंट से जुड़े कई लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच से पता चला है कि गिरफ्तार किए गए दो लोगों पर पहले से ही क्रिमिनल चार्ज थे।”
पुलिस सभी पहलू पर कर रही जांच
अधिकारी ने आगे कहा, “निर्माण में लापरवाही, सेफ्टी नियमों का उल्लंघन और ड्यूटी में लापरवाही के आरोपों की पूरी जांच की जा रही है। पुलिस निर्माण से जुड़े सभी दस्तावेज, अप्रूवल लेटर और टेक्निकल पहलुओं की भी जांच कर रही है।”
यह भी पढ़ें- ‘कोलकाता गोदाम हादसा दुर्भाग्यपूर्ण’, शुभेंदु अधिकारी बोले- विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति से मुआवजे पर बोलूंगा
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विधानसभा सत्र चल रहा है इसलिए मैं मुआवजे के बारे में कुछ नहीं कहूंगा। पढ़ें पूरी खबर
