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पेंशन के लिए घर में तीन साल रखी मां की लाश, टुकड़े कर घर में बनाया एसी मकबरा, टीवी से लिया आईडिया

युवक ने तीन साल तक अपनी मां की लाश को एक बड़े फ्रीजर में रखकर एक कमरे में उसका मकबरा बनाकर रखा। इतना ही नहीं कमरे से बदबू ना आए, इसके लिए आरोपी ने कमरे में 2 एयरकंडीशनर भी लगवा दिए।

युवक अपनी मां के शव को 3 साल तक फ्रीजर में रखे रहा। (image source-Express photo/Partha paul)

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक दिल दहलाने वाला वाक्या सामने आया है। दरअसल कोलकाता के बेहाला इलाके में एक युवक ने तीन साल तक अपनी मां की लाश को एक बड़े फ्रीजर में रखकर एक कमरे में उसका मकबरा बनाकर रखा। इतना ही नहीं कमरे से बदबू ना आए, इसके लिए आरोपी ने कमरे में 2 एयरकंडीशनर भी लगवा दिए। गुरुवार को शिकायत मिलने पर कोलकाता पुलिस ने आरोपी के घर छापा मारा और मामले का खुलासा किया। फिलहाल पुलिस आरोपी युवक और उसके पिता से पूछताछ कर रही है। बता दें कि बेहाला में रहने वाले 46 वर्षीय सुभब्रत मजूमदार की मां बीना मजूमदार, जो कि एफसीआई में अधिकारी थी, उनका 7 अप्रैल, 2015 को 84 साल की उम्र में निधन हो गया। इस पर सुभ्रत ने अपनी मां की लाश का अंतिम संस्कार करने के बजाए उसे एक बड़े से फ्रीजर में रख दिया और घर के एक कमरे में ही अपनी मां का एयरकंडीशनर मकबरा बना दिया। पुलिस पूछताछ में सुभब्रत ने बताया कि उसे लगता था कि उसकी मां वापस जिंदा हो जाएगी। सुभब्रत ने बताया कि डिस्कवरी चैनल पर एक कार्यक्रम देखकर उसे यह आइडिया आया।

हैरान करने वाली बात ये है कि सुभब्रत के पिता (89 वर्ष), जो कि एफसीएल से डिप्टी मैनेजर के पद से रिटायर हुए थे, उन्हें भी इस बात की जानकारी थी। बताया जा रहा है कि सुभब्रत की मां को हर माह 50000 रुपए पेंशन मिलती थी और यह पेंशन पाने के लिए ही सुभब्रत ने अपनी मां के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया, ताकि अँगूठा लगाकर पेंशन पा सके। हालांकि पुलिस पूछताछ में वह यही कह रहा है कि अपनी मां के जिंदा होने की उम्मीद में ही उसने ऐसा किया था। फिलहाल कोलकाता पुलिस एक साइकेट्रिस्ट की भी मदद ले रही और सुभब्रत की मानसिक स्थिति का पता लगाने की कोशिश कर रही है। पुलिस और फोरेंसिक विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर महिला के शव को बरामद कर लिया है।

उल्लेखनीय है कि आरोपी सुभब्रत उच्च शिक्षा प्राप्त है और केन्द्रीय लेदर रिसर्च इंस्टीट्यूट से ग्रेजुएट है। वहीं पड़ोसियों का कहना है कि 2015 में सुभ्रत की मां के निधन की उन्हें खबर है, लेकिन उनके शव का अंतिम संस्कार होते किसी ने नहीं देखा। क्योंकि परिवार किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करता था, इसलिए लोगों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। अब किसी ने पुलिस को इस मामले की सूचना दी, जिस पर पुलिस ने आरोपी के घर छापा मारा। बता दें कि इससे पहले भी कोलकाता की रॉबिन्सन स्ट्रीट के रहने वाले पार्थो डे भी 6 महीने तक अपनी बहन और 2 पालतू कुत्तों की लाश के साथ अपने घर में रहते पाए गए थे।

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