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खइके पान पांच हजार रुपइया वाला

इस दुकान पर कल्पतरु स्पेशल पान (सोना वर्क) 5001 रुपए, कल्पतरु स्पेशल पान (चांदी वर्क) 1001, बादशाही पान 501, बनारस रुचि पान 101, मन मतवारा पान 51, दिलखुश पान 21, मुखविलास, 11 और मुखरंजन पान पांच रुपए में मिलता है।

Author March 7, 2018 04:19 am
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. वीवी गिरि, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, बंगाल के पूर्व राज्यपाल एएल डायस, पद्मजा नायडू, पूर्व मुख्यमंत्री प्रफुल्ल चंद्र सेन, गायक मन्ना डे, बांग्ला फिल्मों के महानायक उत्तम कुमार, विश्वविख्यात जादूगर पीसी सरकार (सीनियर) इत्यादि। (जैसा कि कल्पतरू के मालिक श्यामल दत्त ने दावा किया)

शंकर जालान

देश की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले कोलकाता शहर में पान की एक ऐसी दुकान है, जहां एक पान की कीमत एक हजार एक रुपए से लेकर पांच हजार एक रुपए तक है। कॉलेज स्ट्रीट के समीप बंकिम चटर्जी स्ट्रीट स्थित करीबन 83 साल पुरानी कल्पतरू भंडार दुकान में इतने महंगे पान बिकते हैं। इस दुकान की ख्याति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुकान से इधर-उधर एक किलोमीटर दूर से पूछने पर भी कोई भी ग्राहकों को उस तक पहुंचने का सहज मार्ग बता देता है। वैसे तो पान की चर्चा होते ही आम लोगों को बनारस की याद आती है और ह्यखइके पान बनारस वालाह्ण गीत, लेकिन पान के शौकीनों को 1935 में स्थापित कल्पतरू भंडार याद आता है। जहां कम से कम पांच रुपए और अधिक से अधिक पांच हजार एक रुपए का पान बिकता है। इस दुकान पर कल्पतरु स्पेशल पान (सोना वर्क) 5001 रुपए, कल्पतरु स्पेशल पान (चांदी वर्क) 1001, बादशाही पान 501, बनारस रुचि पान 101, मन मतवारा पान 51, दिलखुश पान 21, मुखविलास, 11 और मुखरंजन पान पांच रुपए में मिलता है। इसके अलावा इस दुकान पर ग्राहक की जेब के हिसाब से परीक्षा उत्तीर्ण पान, नौकरी प्राप्त पान, सम्मान प्राप्त पान, चुनाव फतह पान, सगाई पान, शादी पान, सुहागरात पान और हनीमून पान भी बिकते हैं।

दुकान के मालिक श्यामल दत्त ने जनसत्ता को बताया कि कल्पतरूप भंडार में बिकने वाले पान में कई ऐसी खासियत है, जो इसे अन्य पान दुकानों से अलग पहचान दिलाती है। वे बताते हैं कि उनके यहां जिस गुणवत्ता का मसाला और सुपारी इस्तेमाल की जाती है वैसी अन्यत्र कहीं नहीं। दत्त के मुताबिक पान में डाला जाने वाला मसाला वे घर में बनाते हैं। उनका दावा है कि कल्पतरू भंडार के पान कई नामचीन हस्तियों ने खाएं हैं इनमें पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व प्रधानमंत्री के अलावा पूर्व सेना प्रमुख सहित कई राज्यपाल, मुख्यमंत्री, बॉलीवुड-टॉलीवुड के लोकप्रिय कलाकार, मशहूर संगीतकार, गीतकार से लेकर साहित्यकारों तक ने न केवल कल्पतरू भंडार का पान खाया है, बल्कि तारीफ भी की है।
खासियत का जिक्र करते हुए श्यामल दत्त ने बताया कि उनके यहां का पान खाने से मुंह लाल नहीं होता, पीक थूकने की जरूरत नहीं पड़ती और तो और बगैर फ्रिज में रखे कई दिनों तक पान की सेहत और स्वाद में कोई फर्क नहीं पड़ता।

वे कहते हैं- कल्पतरु स्पेशल में नेहरू पत्ती, डॉलर सुपारी, कश्मीरी टैब्लेट, मेवा सुपारी, दूध सुपारी, गुलाब सुपारी, लखनऊवी सौंफ, छुआरा सुपारी, मेगुनी इलायची, स्पेशल मोवा, केसरानी, ड्राई कत्था-चूना का उपयोग होता है। इस पान को सोने के वर्क में 5001 रुपए और चांदी के वर्क में 1001 रुपए में बेचा जाता है। इसके अलावा अन्य तरह पान में इस्तेमाल होने वाले मसाले देश की विभिन्न जगहों से मंगवाकर घर पर ही तैयार किए जाते हैं। आइसी सुपारी, चांदी सुपारी, लच्छा सुपारी, छुआरा सुपारी, बनारसी सौंफ, मिल्की, टाका सुपारी, कश्मीरी टैब्लेट, लांग, इलाइची वाले पान ग्यारह से एक सौ एक रुपए तक में बेचे जाते हैं। अलग-अलग दाम वाले पान में अलग-अलग मसालों का प्रयोग होता है। वे बताते हैं कि उनके यहां बिकने वाले पान में 15 से 20 प्रकार की सिर्फ सुपारी और 30 से 35 तरह के मसालों का इस्तेमाल होता है।

दत्त ने बताया कि आजादी के पहले 1935 में अंग्रेजी हुकूमत के दौरान उनके पिता राधा विनोद दत्त ने यह दुकान खोली थी। उस दौरान आसपास एक भी पान की दुकान नहीं थी। देखते ही देखते उनका पान लोकप्रिय हो गया। उसी दौरान पिताजी ने सोच लिया था कि बिल्कुल अलग स्वाद वाला पान लोगों को खिलाएंगे, सो घर पर कच्चे मसाले व सुपारी मंगवाकर वे इसे विशेष तरीके से तैयार करते थे। वर्ष 2001 में दुकान के संस्थापक यानी श्यामल के पिता के का निधन हो गया। तब पेशे से इंजीनियर श्यामल ने सरकारी नौकरी से इस्तीफा देकर पिता की विरासत संभाली।58 वर्षीय श्यामल कहते हैं कि उन्हें सरकारी नौकरी छोड़ने का कोई गम नहीं है, बल्कि पान बेचकर पिता का नाम रोशन करने की खुशी है। श्यामल कहते हैं कि पिता ने उनसे एक ही बात कही थी-बेटा सत्य पर रहना, गलत मत करना। अपने आप आगे बढ़ोगे। पिता की इस सीख को मांन रहा हूं और आगे बढ़ रहा हूं।
वे कहते हैं कि मेरे लिए इस खुशी से इतर कोई बात नहीं हो सकती है कि पान की एक दुकान चलाने वाले को आज पूरा देश जानता है।

पान के नाम और कीमत

– कल्पतरु स्पेशल पान (सोना वर्क) 5001 रुपए
– कल्पतरु स्पेशल पान (चांदी वर्क) 1001 रुपए
– बादशाही पान 501 रुपए
– बनारस रुचि पान 101 रुपए
– मन मतवारा पान 51 रुपए
– दिलखुश पान 21 रुपए
– मुखविलास पान 11 रुपए
– मुखरंजन पान पांच रुपए

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