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योगी के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने क्यों कहा- अमित शाह के पास बड़ी खोपड़ी है

उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने एससी-एसटी संशोधित एक्ट को लेकर केंद्र सरकार पर कटाक्ष किया है। कहा कि न हम दलित कार्ड खेल रहे हैं और न हम सवर्ण कार्ड खेल रहे हैं। हम सही कार्ड खेल रहे हैं। जो सही है वो होना चाहिए।

Author Updated: September 10, 2018 9:40 AM
योगी सरकार में मंत्री ओपी राजभर। (Photo source- ANI)

भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने एससी-एसटी संशोधित एक्ट को लेकर केंद्र सरकार पर कटाक्ष किया है। साथ ही उन्होंने इसके खिलाफ लोगों के आक्रोश को सही बताया। उन्होंने कहा कि “एससी-एसटी एक्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट का आदेश सही था। सांसदों के दबाव में संसद से नया संशोधन कानून पारित कराया गया है। एससी-एसटी एक्ट का दुरूपयोग होता है। इसके तहत बेगुनाह लोग फंसाए जाते हैं। मैं इस बिल पर सरकार का समर्थन नहीं करता। सवर्णों और पिछड़ों का विरोध सही हैं। एससी-एसटी एक्ट 2007 में मायावती सरकार में ही अध्यादेश आया और कहा गया कि मुकदमा लिखें, लेकिन सीओ की जांच के बाद गलत मुकदमा लिखवाने वाले को भी जेल भेजें। हम एससी-एसटी के पक्ष में हैं लेकिन निर्दोष के खिलाफ मुकदमा न लिखे। हम सुप्रीम कोर्ट के साथ हैं। झगड़ा 2-4 से होता है, फंसाये जा रहे हैं 8-10 आदमी।” इस सवाल पर कि ‘अमित शाह ने कहा कि हम इस मामले पर नाराज लोगों को मना लेंगे’, राजभर ने कहा, “अमित शाह के पास बड़ी खोपड़ी है। बड़ी पार्टी है। बड़े संसाधन हैं। वो समझा लेंगे। लेकिन हमको तो नहीं लगता है। जब अाग लग जाती है तो दाग तो मकान में हो ही जाता है। लाखों कोई पेंट करे, कुछ करे, लेकिन यह दाग जल्दी नहीं छूटता।”

मीडिया द्वारा यह पूछ जाने पर ‘अमित शाह को जनता को क्या समझाएंगे?’ ओपी राजभर ने कहा, “समझाएंगे कि आपलोग लात खाओ। लेकिन वोट भाजपा को दो। यही समझाएंगे और क्या कहेंगे। जाके पैर फटे न बिवाई, सो क्या जाने पीर पराई। जिसके परिवार में एससी-एसटी का मुकदमा लिखा गया होगा, वही इस मामले को जनता होगा कि उसके उपर क्या बीतती होगी? जिसके उपर नहीं है, वो तो कुछ भी कह सकता है।”

इसके बाद मीडिया द्वारा पूछा गया ‘अमित शाह तो ऐसा कह रहे हैं कि पिछले बार से ज्याद सीट लाएंगे’, इसके जवाब में उन्होंने कहा कि, “कोई पहलवान पहले ही यह कह देता है कि हम फेल हो जाएंगे, तो अखाड़े में कोई बजाएगा! आने दीजिए टाइम। अभी जो स्थितियां पैदा हो रही है, उसका क्या नतीजा होगा, यह तो सामने आएगा ही। कोई भी व्यक्ति रिजल्ट के पहले हार नहीं मानता।” इसके साथ ही उन्होंने कहा कि न हम दलित कार्ड खेल रहे हैं और न हम सवर्ण कार्ड खेल रहे हैं। हम सही कार्ड खेल रहे हैं। जो सही है वो होना चाहिए। गलत नहीं होना चाहिए।

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