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सिम लेते वक्‍त एजेंट बार-बार अंगूठा स्‍कैन कराए तो हो जाएं सचेत, सामने आया बड़ा घपला

फर्जी सिम के इस मकड़जाल को और गहराई से समझें तो आपकी आईडी का गलत इस्तेमाल होने की आशंका और भी बढ़ जाती है। और सरल तरीके से समझें तो इस तरह से आपकी आईडी के जरिए कोई दूसरा शख्स धोखाधड़ी-जालसाजी व अन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे सकता है।

fake sim, up police, barabanki, vodafone, barabanki, mobile sim, barabanki police, pre activated sim, online sim, vodafone sim, cyber crime, state news, phone news, tech news, hindi newsतस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Freepik)

सिम कार्ड लेते वक्त एजेंट बार-बार अंगूठा-अंगुली स्कैन कराए, तो सचेत रहिएगा। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में फर्जी सिम के मकड़जाल का खुलासा हुआ है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थंब इंप्रेशन (मशीन पर अंगूठे का निशान) लेने के नाम पर वे लोगों से बार-बार अंगूठा स्कैन कराते थे। लोगों को इसी तरह बेवकूफ बनाकर आरोपी उनकी आईडी पर एक से अधिक सिम एक्टिवेट कर उन्हें मनमाने दामों पर बेचते थे। साइबर सेल को शिकायत मिलने पर दोनों को दबोचा गया है।

कैसे देते थे वारदात को अंजामः आरोपियों की पहचान मो.सलीम और संदीप कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से 260 चालू सिम बरामद किए। आरोपी इन प्री-एक्टिवेटेड (पहले से चालू) सिम को खरीदने वालों से दावा करते थे कि लोगों को किसी प्रकार के झंझट का सामना नहीं करना पड़ेगा। यानी जो लोग इन सिम महंगे दामों पर खरीदते थे, उन्हें अपनी आईडी देने की जरूरत तक नहीं पड़ती थी।

तीन हजार तक में बेचते थे ये सिमः सही से अंगूठे का इंप्रेशन न आने का झांसा देकर वे तीन-चार बार उनका अंगूठा लगवाते और उन इंप्रेशंस के आधार पर अतिरिक्त सिम एक्टिवेट कर लेते। आपको बता दें कि एक शख्स की आईडी पर अधिकतम पांच सिम जारी कराए जा सकते हैं। लोगों की जानकारी के बगैर उनकी आईडी पर चालू किए गए अतिरिक्त सिम आरोपी एक से तीन हजार रुपए में बेचते थे।

सिम आपका, अपराध किसी का; और धरे जाएंगे आप!: इस बड़े घपले को और विस्तार से समझें तो आपकी आईडी का गलत इस्तेमाल होने की आशंका और भी बढ़ जाती है। और सरल तरीके से समझें तो इस तरह से आपकी आईडी के जरिए कोई दूसरा शख्स धोखाधड़ी-जालसाजी व अन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे सकता है। यानी कि आपके नाम पर जारी सिम पर कोई भी अपराध कर सकता है। पर जांच में नंबर ट्रैक किया जाएगा तब नाम उसी का दिखेगा, जिसकी आईडी पर सिम लिया गया होगा।

ऐसे बचें गड़बड़झाले से

– सिम का पैकेट पहले से खुला न हो। सील पैकेट वाला सिम ही लें।

– नया सिम लेने के बाद उस पर टेलीवेरिफिकेशन जरूर करें। अगर एजेंट या दुकानदार कहे कि इसकी जरूरत नहीं तो समझें कुछ गड़बड़ है।

– सही दुकान पर ही सिम लेने जाएं। उससे भी बेहतर रहेगा कि आप मोबाइल नेटवर्क कंपनी के रिटेल आउटलेट से सिम लें।

– सिम के लिए जिन दस्तावेजों की फोटोकॉपी दें, उन पर पर्मानेंट मार्कर से साइन करें, ताकि उनका दोबारा इस्तेमाल न हो सके।

– बार-बार थंब इंप्रेशन मांगा जाए, तो मना कर दें। एक ही बार अंगूठे का निशान दें। अन्यथा दूसरे दुकानदार के पास चले जाएं।

– अगर दूसरी दुकान पर भी एजेंट बार-बार थंब इंप्रेशन मांगे तो उसकी गतिविधियों पर ध्यान दें और गड़बड़ होने के शक पर पुलिस को शिकायत दें।

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