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दिल्ली हिंसा: मीडिया कर्मियों पर हमले की ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिशन’ ने की कड़ी भर्त्सना; कहा- पत्रकार दो महीने से कर रहे थे संयमित रिपोर्टिंग

न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिशन’ (एनबीए) ने नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों द्वारा निकाली गई ट्रैक्टर रैली के कवरेज के दौरान मीडिया कर्मियों पर कथित हमले और उनके उपकरणों को तोड़ने की बुधवार को कड़ी निंदा की।

Farmers Tractor Parade, Farmers , National Newsनई दिल्लीः किसान आंदोलन का केंद्र बिंदु रहे सिंघु बॉर्डर पर भी मंगलवार को ट्रैक्टरों के जरिेए पुलिस के बैरिकेड तोड़ते हुए प्रदर्शनकारी। (फोटोः PTI)

 ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिशन’ (एनबीए) ने नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों द्वारा निकाली गई ट्रैक्टर रैली के कवरेज के दौरान मीडिया कर्मियों पर कथित हमले और उनके उपकरणों को तोड़ने की बुधवार को कड़ी निंदा की। एनबीए ने एक बयान में कहा कि प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों ही पिछले दो महीनों के दौरान “निष्पक्ष, संतुलित और वस्तुनिष्ठ तरीके” से दिल्ली के बाहरी इलाके में किसानों के विरोध प्रदर्शन को कवर कर रहे हैं। बयान में कहा गया है कि एनबीए नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली में किसानों द्वारा कल निकाली गई ट्रैक्टर रैली के कवरेज के दौरान मीडिया कर्मियों पर हमले और उनके उपकरणों को तोड़ने की कड़ी निंदा करता है।

दिल्ली पुलिस ने किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा को लेकर बुधवार को किसान नेता दर्शन पाल को नोटिस जारी कर पूछा कि क्यों नहीं उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस ने गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर हिंसा को “सबसे निंदनीय और राष्ट्र विरोधी कृत्य” करार देते हुए पाल से तीन दिनों के भीतर अपना जवाब पेश करने को कहा। दिल्ली पुलिस आयुक्त एस एन श्रीवास्तव ने आरोप लगाया है कि 26 जनवरी की हिंसा में किसान नेता शामिल थे। उन्होंने कहा कि किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

उधर, राष्ट्रीय राजधानी में किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा की घटना के एक दिन बाद, भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने बुधवार को कहा कि कानून-व्यवस्था का उल्लंघन नहीं होना चाहिए तथा केंद्र के साथ साथ विरोध प्रदर्शन करने वाले किसानों को समाधान तक पहुंचने के लिए बातचीत का रास्ता खुला रखना चाहिए।

गौरतलब है कि तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने और उनकी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनी गारंटी देने की मांग को लेकर हजारों किसान, जिनमें ज्यादातर पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हैं, 28 नवंबर से दिल्ली के कई सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं।

 

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