पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल के दादा देवीचंद अग्रवाल और माता-पिता शनिवार को पीड़ित के लिए इंसाफ की मांग को लेकर निकाले गये कैंडल लाइट मार्च में शामिल हुए।
केतन की मंगेतर सिया गोयल (20) और उसके प्रेमी चेतन चौधरी (22) पर आरोप है कि उन्होंने 18 जून को पुणे जिले के मावल तालुका स्थित लोहागढ़ किले की एक चट्टान से केतन को खाई में धक्का दे दिया था।
कैंडल लाइट मार्च के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे। इस कार्यक्रम में केतन अग्रवाल के परिजन, दोस्त और बेलमोंडो सोसाइटी के लोग शामिल हुए और उन्होंने न्याय की मांग की। केतन के दादा देवीचंद अग्रवाल ने कहा, “हमारे अपने ही लोगों ने हमें धोखा दिया है, जिन्हें हम कई सालों से जानते थे।”
देवीचंद अग्रवाल ने कहा कि उनका मानना है कि सिया गोयल के परिवार ने उस पर केतन से शादी करने के लिए दबाव डाला था। उन्होंने रोते हुए कहा, “हम चाहते हैं कि पुलिस इस शादी के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की जांच करे। इन दोनों आरोपियों (सिया और चेतन) को मौत की सजा मिलनी चाहिए।”
केतन की मां ने भी इंसाफ की मांग की और दोनों आरोपियों के लिए मौत की सजा के साथ-साथ सिया गोयल के परिजनों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा कि वे अपने बेटे को न्याय मिलने तक लड़ाई जारी रखेंगे।
दूसरी ओर, पुणे ग्रामीण पुलिस ने सिया गोयल के माता-पिता और भाई से 10 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की।
पुलिस के मुताबिक, सिया और केतन (25) की शादी नवंबर में होने वाली थी, लेकिन सिया यह शादी नहीं करना चाहती थी। आरोप है कि सिया और चेतन ने केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची और उसकी हत्या की योजना को अंजाम दिया।
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पुणे के केतन हत्याकांड मामले में कई अहम खुलासे हुए हैं। चेतन और सिया के बीच केतन की हत्या से पहले करीब 4,400 कॉल्स हुई थीं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
