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भगवान घनश्याम की जन्म स्थली पर जुटेंगे लाखों श्रद्धालु, केशव प्रसाद मौर्य करेंगे महोत्सव का शुभारम्भ

स्वामी रामानंद से दीक्षा लेकर घनश्याम ने उद्धव सम्प्रदाय की पतवार सम्भाली और स्वामी सहजानंद के रूप में पूरे गुजरात में प्रेम भक्ति का प्रचार कर वहां अमन-चैन की राह दिखाई।

Author गोण्डा | October 30, 2017 18:00 pm
यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य। (फाइल फोटो)

स्वामी नारायण सम्प्रदाय के प्रवर्तक भगवान घनश्याम की जन्मस्थली छपिया में मंगलवार से शुरू होने वाले पांच दिवसीय महोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य महोत्सव का शुभारम्भ करेंगे। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए जिला प्रशासन की तरफ से व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। बताया जाता है कि उत्तर प्रदेश के गोण्डा जिले के छपिया गांव में विक्रम संवत 1837 तदनुसार चैत शुक्ल पक्ष नवमी को एक तेजस्वी बालक ने जन्म लिया, जिसका नाम घनश्याम रखा गया। अयोध्या में प्रारम्भिक शिक्षा प्राप्त करके 11 वर्ष की अल्पायु में वह बालक हिमालय की तरफ चला गया। घोर तपस्या करने के कारण उन्हें नीलकण्ठ कहा जाने लगा।

इसके बाद हिमालय के तीर्थों से होते हुए वह जगन्नाथ पुरी, शिवकांची, विष्णु कांची, श्रीरंगम्, तिरुपति बालाजी आदि होते हुए पंढरपुर पहुंचे। यहां से नासिक होकर गुजरात चले गए। बताते हैं कि वह जिस समय गुजरात पहुंचे, उस समय पूरा राज्य हिंसा, लोभ, दरिद्रता, अराजकता और धार्मिक मतभिन्नता के दौर से गुजर रहा था। वहां स्वामी रामानंद से दीक्षा लेकर घनश्याम ने उद्धव सम्प्रदाय की पतवार सम्भाली और स्वामी सहजानंद के रूप में पूरे गुजरात में प्रेम भक्ति का प्रचार कर वहां अमन-चैन की राह दिखाई। अनेक चमत्कारी लीलाएं करके लोगों को सद्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। परिणाम स्वरूप गुजरात प्रान्त के घर-घर में वह स्वामी नारायण भगवान के रूप में पूजे जाने लगे। इसी दौरान उन्होंने स्वामी नारायण सम्प्रदाय की स्थापना भी किया। आज दुनिया के तीन दर्जन से अधिक देशों में स्वामी नारायण सम्प्रदाय के करोड़ों अनुयायी और सैकड़ों मंदिर हैं।

मंदिर के महंत ब्रह्मचारी स्वामी वासुदेवानंद जी महराज और ब्रह्मचारी स्वामी हरिस्वरूपानंद महाराज ने बताया कि भगवान घनश्याम की जन्मस्थली में करीब 150 वर्ष पूर्व निर्मित मंदिर का जीर्णोद्धार कर अनुयायियों के सहयोग से पचास करोड़ की लागत से एक लाख घन फुट श्वेत मकराना संगमरमर का चार मंजिला नया भव्य जन्म स्थान स्मारक भवन बनाया गया है। मंगलवार को इसका भी लोकार्पण किया जाएगा। यह भवन पूरी दुनिया में नक्काशी व स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना है। 36 फिट लम्बाई व चैड़ाई वाला गर्भगृह बिना खम्भे के निर्मित है। इसका शिलान्यास मोटा महाराज तेजेन्द्र प्रसाद के संकल्प से सन् 2006 में नर नारायण देव गादीपति आचार्य कौशलेन्द्र प्रसाद महाराज ने किया था।

मंदिर की नीव धातु से तैयार की गई है। स्मारक भवन में 800 खम्भे, 1500 कमान, 100 बड़ी खिड़कियां, 51 झरोखा, 151 छत, पूर्व उत्तर व पश्चिम दिशा में 4500 बड़ी मूर्तियां एवं 2500 छोटी मूर्तियां, तीन सीढ़ियां गौ माता गोमती के स्वरूप की 201 मूर्तियां, 3300 भगवान के बाल चरित्र स्वरूप का निर्माण, सूर्य रूप शिव रूप रुद्र रूप व नीलकंठ वर्णी धर्मकुल भक्तिकुल स्वरूप संगीतकार मुद्रा वाले संत गणपति चैकीदार 3000 हाथी, 200 गाय स्वरूप स्वर्ण सुकसैया स्वर्ण मुख्य द्वार, स्वर्ण कलश, स्वर्ण ध्वजदंड, स्वर्ण सिंहासन, सूतिका गृह आदि शामिल हैं।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, उत्तर प्रदेश व गुजरात सरकार के कई मंत्रियों के अलावा महाराष्ट्र व गुजरात राज्यों से लाखों श्रद्धालुओं के अलावा भी प्रतिभाग करने की संभावना है।

इसके अलावा संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, थाईलैण्ड, तांजानिया, स्वीडन, पाकिस्तान, केन्या, ओमान, न्यूजीलैण्ड, फिजी, जाम्बिया और युगांडा आदि देशों से भी हजारों श्रद्धालु छपिया पहुंच कर अपने आराध्य के जन्मोत्सव समारोह में शिरकत करेंगे। मंदिर के निकट नरैचा गांव में दो सौ से अधिक बीघा जमीन पर धर्मारण्य स्थल का निर्माण किया गया है। स्वामी नारायण छपिया मंदिर जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर लखनऊ-गोरखपुर रेल मार्ग पर स्वामी नारायण छपिया रेलवे स्टेशन से दक्षिण दिशा में दो किमी. की दूरी पर स्थित है। लखनऊ से फैजाबाद-अयोध्या होते हुए यहां सड़क मार्ग से भी पहुंचा जा सकता है। एक पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, महोत्सव में देश विदेश के लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।

स्वामी नारायण छपिया रेलवे स्टेशन पर महाराष्ट्र और गुजरात से आने वाली रेलगाड़ियों के भी अस्थायी ठहराव की व्यवस्था की गई है। महोत्सव में सुरक्षा व्यवस्था के लिए कार्यकारी मजिस्ट्रेट, पुलिस उपाधीक्षक, निरीक्षक, उप निरीक्षक, छह थाना प्रभारी, आरक्षी, महिला आरक्षी व एक कम्पनी पीएसी लगाई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने भी प्राथमिक उपचार की सुविधा से लैस कर्मियों को तैनात किया है। मुख्य पंडाल, मंच, रसोई कैम्प, वीआईपी काटेज, महिला संत व पुरुष संतों के ठहरने का स्थान, प्रमुख प्रवेश द्वार व हेलीपैड बनाया गया है। मंदिर के सामने स्थित नारायण सरोवर में नावों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा विशेष व्यक्तियों और भक्तों की भीड़ के मद्देनजर के आगमन को लेकर यातायात पुलिस, अग्निशमन दल, मेटल डिटेक्टर, स्वान दल, बम निरोधक दस्ता व स्थानीय अभिसूचना इकाई के कर्मचारी तैनात किए गए हैं।

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