बुधवार को राजधानी दिल्ली में इंडिया गठबंधन की मीटिंग होनी है लेकिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव न इस मीटिंग में शिरकत नहीं करेंगे। अखिलेश यादव की जगह उनके प्रतिनिधि इस मीटिंग में जाएंगे। अखिलेश यादव के इंडिया गठबंधन की मीटिंग न शामिल में होने को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
मंगलवार को जब इस बारे में यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि कौन बैठक में जा रहा है, कौन नहीं जा रहा है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। बीजेपी अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करेगी और फिर सरकार बनाएगी।
उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “मैं कहता हूं सपा सांपनाथ, बसपा नागनाथ और कांग्रेस कालिया नाग… ये तीनों पार्टियां बैठक में जाएं या न जाएं, ये तीनों भाजपा की विरोधी पार्टियां हैं। ये तीनों 2027 का चुनाव एकसाथ मिलकर लड़ेंगे, तब भी हारें, अलग-अलग लड़ेंगे तब भी हारेंगे। तीसरी बार बीजेपी की सरकार बनेगी, इसलिए ये किस बैठक में जा रहे हैं, किस बैठक में नहीं जा रहे हैं, इसमें बीजेपी का कोई लेना देना नहीं है।”
इंडिया गठबंधन की मीटिंग में शामिल क्यों नहीं हो रहे अखिलेश?
कांग्रेस पार्टी के सीनियर नेता केसी वेणुगोपाल से मंगलवार को जब यह सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्होंने दो दिन पहले अखिलेश यादव से बात की थी। कल कांग्रेस अध्यक्ष ने भी बात की थी। यूपी में कल राज्यसभा चुनाव के लिए नॉमिनेशन होना है। इस वजह से वह खुद नहीं आ पा रहे हैं।
केसी वेणुगोपाल ने आगे कहा कि अखिलेश यादव आने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन कल उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की तैयारियों की वजह से दिक्कत है। इसी वजह से वह शामिल नहीं हो पा रहे हैं। उनकी पार्टी के नेता शामिल हो रहे हैं।
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संजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस अगर यूपी में बीजेपी के खिलाफ लड़ रही है तो ऐसी बयानबाजी क्यों की जा रही है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
