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केरल BJP चीफ की बढ़ी मुश्किलें! घूसकांड में केस, जानें- क्या है पूरा मामला?

वायनाड के कलपेट्टा की निचली अदालत ने एक दिन पहले ही केरल पुलिस को रिश्वतखोरी के आरोपों पर सुरेंद्रन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था।

Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र तिरुवनंतपुरम | Updated: June 18, 2021 8:52 AM
केरल भाजपा के अध्यक्ष के सुरेंद्रन पर चुनाव के दौरान साथी पार्टी के नेता को रिश्वत देने के आरोप लगे हैं। (एक्सप्रेस फोटो)

केरल भाजपा प्रमुख के सुरेंद्रन रिश्वत देने के मामले में घिरते नजर आ रहे हैं। सुरेंद्रन पर आरोप है कि उन्होंने आदिवासी नेता और जनाधिपथ्य राष्ट्रीय पार्टी (जेआरपी) की अध्यक्ष सी के जानू को छह अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में मन्नतवाड़ी सीट से NDA का उम्मीदवार बनने के लिये 10 लाख रुपए दिए थे। केरल पुलिस ने गुरुवार को कोर्ट के आदेश पर सुरेंद्रन के खिलाफ मामला दर्ज किया।

इस मामले में वायनाड के कलपेट्टा की निचली अदालत ने पुलिस को रिश्वतखोरी के आरोपों पर सुरेंद्रन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था। पुलिस ने कहा कि प्राथमिकी भारतीय दंड संहिता की धारा 171 ई और 171 एफ के तहत दर्ज की गई है। हाल ही में सुरेंद्रन और जेआरपी नेता पी अझिकोड के बीच जानू को राशि का भुगतान करने को लेकर हुई कथित बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।

वायनाडी के कलपेट्टा की निचली अदालत का यह आदेश इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) की छात्र शाखा, मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन के राज्य अध्यक्ष पी के नवास द्वारा दायर एक याचिका पर आया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सुरेंद्रन ने चुनाव में राजग उम्मीदवार बनने के लिये जानू को 50 लाख रुपये की रिश्वत दी थी।

जानू की साथी ने ही लगाए आरोप: इस महीने की शुरुआत में, जेआरएस की राज्य कोषाध्यक्ष और सीके जानू की साथी प्रसीता अझिकोड ने आरोप लगाया था कि जानू ने चुनाव से पहले एनडीए में लौटने के लिए सुरेंद्रन से 10 करोड़ रुपये की मांग की थी। आरोप लगाया गया कि सुरेंद्रन ने जानू को 10 लाख रुपये दिए, जिन्होंने बाद में वायनाड के सुल्तान बाथेरी से एनडीए के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं।

ऑडियो टेप में क्या कहते सुनाई दिए सुरेंद्रन?: प्रसीथा अझीकोड ने इससे जुड़ा जो ऑडियो वायरल किया था, उसमें भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के. सुरेंद्रन की आवाज होने का दावा किया गया है। टेप में एक शख्स (जिनके सुरेंद्रन होने का दावा है) कहते हैं- “उन्हें 6 मार्च को आने दो। मैं उन्हें निजी तौर पर यह दे दूंगा। तुम भी आना…चुनाव के दौरान यह पैसों का लेन-देन…यह मुमकिन नहीं कि इसे इधर-उधर ले जाया जाए।” अझीकोड का कहना है कि जब जानू 6 मार्च को पैसे लेने के लिए तिरुवनंतपुरम गईं, तो वे उनके साथ ही थीं। हालांकि, गेस्ट हाउस में जब लेन-देन हुआ, तब वे साथ नहीं रहीं थीं।

सुरेंद्रन ने आरोपों को नकारा: सुरेंद्रन और उनकी पार्टी भाजपा ने इन आरोपों से इनकार किया है। दूसरी तरफ सीके जानू ने भी ऑडियो टेप को नकारते हुए प्रसीथा अझिकोड को कानूनी कार्रवाई की धमकी दी थी। लेकिन अदालत प्रथम दृष्टया टेप की सत्यता को लेकर आश्वस्त हो गई। इससे पहले, सात जून को सुरेंद्रन के खिलाफ के सुंदर को मंजेश्वर सीट से नामांकन वापस लेने के लिए धमकाने और रिश्वत देने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।

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