केरल के परिवहन मंत्री गंभीर आरोपों में घिर गए हैं। परिवहन मंत्री केबी कुमार की पत्नी बिंदु मेनन ने सोमवार को उनके खिलाफ विश्वासघात के आरोप लगाए। बिंदु मेनन ने कहा कि 2014 में शादी के बाद से उनके और केबी कुमार के बीच वैवाहिक समस्याएं रही हैं। केरल कांग्रेस (बी) के नेता केबी कुमार ने 2014 में यामिनी थांकेची से कानूनी रूप से अलग होने के बाद बिंदु मेनन से शादी की थी।

पत्नी ने लगाए आरोप

बिंदु मेनन ने कहा कि 2019 में एक बड़ा विवाद हुआ था और उन्होंने अपनी रिश्तेदार, पूर्व डीजीपी व भाजपा नेता आर. श्रीलेखा से मदद मांगी थी। बिंदु मेनन ने कहा कि वह पिछले कई महीने से अलग रह रही हैं, क्योंकि केबी कुमार के कई महिलाओं से संबंध हैं। उन्होंने कहा, “कई महिलाओं को लेकर मेरी उनसे लड़ाई होती थी। फिर मेरे फोन ट्रैक किए गए और मुझ पर आरोप लगाए गए कि मेरा अपने दोस्तों के साथ प्रेम-प्रसंग है।”

बिंदु मेनन ने आरोप लगाया कि केबी कुमार ने उनका फोन ब्लॉक कर दिया और अपने कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे उनसे बात न करें। उन्होंने कहा कि जब उन्हें केबी कुमार के घर पर हो रहे घटनाक्रम के बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने कई महिलाओं से संपर्क किया और उन्हें चेतावनी दी। बिंदु मेनन ने कहा कि वह अपना वैवाहिक संबंध खत्म करना चाहती हैं और शनिवार को यह जानने के लिए वालाकम में स्थित केबी कुमार के घर गई थीं कि वहां क्या हो रहा था। उन्होंने कहा, “मैं वहां गई और बेडरूम में घुसी। मैंने बेडरूम में जो देखा वह बता नहीं सकती।”

मंत्री ने बताया चुनावी साजिश

बिंदु मेमन ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने फोटो खींचने की कोशिश की तो ड्राइवर संथान ने उन्हें रोकने की कोशिश की। बिंदु मेनन ने कहा, “वह बहुत बुरी स्थिति थी। मेरे पास सारी तस्वीरें हैं।” इससे पहले केबी कुमार ने अपने खिलाफ जारी अफवाहों को चुनाव नजदीक होने के चलते राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया था। जब उनसे प्रेम संबंधों के आरोपों के बारे में पूछा गया, तो केबी कुमार ने कहा कि कई लोग उनसे प्यार करते हैं और वह कई लोगों से प्यार करते हैं। उन्होंने कहा, “केवल जलने वाले लोग ऐसा कह रहे हैं।”

घरेलू हिंसा के आरोपों और उनके निवास से पुलिस के टोल-फ्री नंबर 112 पर एक आपातकालीन कॉल किए जाने से संबंधित खबर के बारे में पूछे जाने पर केबी कुमार ने कहा कि कोई भी पुलिस से संपर्क कर सकता है। उन्होंने कहा, “कोई भी व्यक्ति बहुत ज्यादा पागलपन में पुलिस से संपर्क कर सकता है।” उन्होंने खुद पर लगे आरोपों को खारिज कर दिया। पढ़ें राहुल गांधी राजनीति में नहीं होते तो क्या करते?

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केरल अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में है और राज्य में सत्ता में लंबे समय से बनी रहने वाली सीपीआई (एम)-नेतृत्व वाली लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) अपनी दस साल की उपलब्धियों को सामने रख कर विपक्षी कांग्रेस-नेतृत्व वाली यूडीएफ (यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) के सामने खड़ी चुनौती का मुकाबला कर रही है। पढ़ें पूरी खबर