ताज़ा खबर
 

केरल: राज्यपाल ने शराब नीति पर दिया बयान, कहा- प्रतिबंध से पहले जानें लोगों की राय

एलडीएफ ने कहा था कि वह पूर्ण प्रतिबंध के हक में नहीं है और शराब की खपत को चरणबद्ध तरीके से कम करने की हिमायत की थी।

Author तिरुवनन्तपुरम | June 24, 2016 5:20 PM
पी सदाशिवम ने कहा कि राज्य की नई शराब नीति तैयार करने से पहले समाज के सभी वर्गों की राय को ध्यान में रखा जाएगा।

केरल के राज्यपाल न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) पी सदाशिवम ने शुक्रवार कहा कि राज्य की नई शराब नीति तैयार करने से पहले समाज के सभी वर्गों की राय को ध्यान में रखा जाएगा। विधानसभा में अपने नीति संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि सरकार का विचार है कि शराब के सेवन पर प्रतिबंध से वांछित सकारात्मक परिणाम नहीं मिले हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में मादक पदार्थों का बढ़ता इस्तेमाल और इसकी उपलब्धता परेशान करने वाली है। सरकार नीति तैयार करने से पहले समाज के सभी वर्गों के विचार को ध्यान में रखेगी।’’ राज्यपाल ने कहा कि शराब के सेवन और मादक पदार्थों की व्यापक उपलब्धता से उत्पन्न सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जानने के लिए एक व्यापक अध्ययन किया जाएगा। राज्यपाल ने कहा कि इस संबंध में अन्य योजनाओं में राज्य में मादक द्रव्यों के सेवन से निपटने के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशाला, नशा मुक्ति केंद्रों की स्थापना करना शामिल है।

यह घोषणा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सत्तारूढ़ एलडीएफ पूर्ण प्रतिबंध की बजाय शराब के इस्तेमाल में सयंम के हक में है। हालांकि कांग्रेस नीत यूडीएफ सरकार की 2014 में लागू की गई शराब नीति के अंतर्गत पांच सितारा श्रेणी के होटलों में भारत में बनी विदेशी शराब पर रोक लगा दी गई थी और 700 से ज्यादा अन्य बार को बंद कर दिया गया था। हालांकि एलडीएफ ने कहा था कि वह पूर्ण प्रतिबंध के हक में नहीं है और शराब की खपत को चरणबद्ध तरीके से कम करने की हिमायत की थी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App