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नीति आयोग के हेल्थ इंडेक्स में टॉप पर केरल, यूपी का सबसे खराब प्रदर्शन

केंद्र शासित प्रदेशों में लक्षदीप अव्वल रहा। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने यह रपट जारी करते हुए कहा, सरकारी शोध संस्थान का मानना है कि स्वास्थ्य सूचकांक सरकार व सहकारिता संघवाद के इस्तेमाल के उपकरण के रूप में काम करेगा।

Author February 10, 2018 09:15 am
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ(बाएं ओर) केरल के सीएम पी विजयन(बाएं ओर)।

नीति आयोग के स्वास्थ्य सूचकांक में बड़े राज्यों में केरल शीर्ष पर रहा है जबकि उत्तर प्रदेश सबसे निचले पायदान पर आया, हालांकि हाल ही में उसने इस मोर्चे पर काफी सुधार दिखाया है। इस सूचकांक हेल्थ इंडेक्स में केरल शीर्ष पर है तो उसके बाद पंजाब, तमिलनाडु व गुजरात को रखा गया है। इस सूचकांक में राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को जगह दी है। इस सूचकांक के लिहाज से खराब प्रदर्शन करने वाले राज्यों में राजस्थान, बिहार व ओडिशा हैं।

सालाना वृद्धिकारी निष्पादन के लिहाज से झारखंड, जम्मू कश्मीर व उत्तर प्रदेश शीर्ष के तीन राज्यों में से हैं। इन राज्यों ने नवजात मृत्यु दर (एनएमआर), पांच साल से कम के शिशुओं की मृत्यु दर, पूर्ण टीकाकरण तथा संस्थागत प्रसव के मामले में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। इस रपट के अनुसार छोटे राज्यों में मिजोरम पहले स्थान पर है।

उसके बाद मणिपुर व गोवा हैं। वहीं, केंद्र शासित प्रदेशों में लक्षदीप अव्वल रहा। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने यह रपट जारी करते हुए कहा, सरकारी शोध संस्थान का मानना है कि स्वास्थ्य सूचकांक सरकार व सहकारिता संघवाद के इस्तेमाल के उपकरण के रूप में काम करेगा।

बता दें कि पिछले वर्ष नीति आयोग ने देश में कृषि क्षेत्र में सुधारों के आधार पर तैयार किए गए सूचकांक में महाराष्ट्र सर्वाधिक कृषक अनुकूल राज्य बताया था। उसके बाद क्रमश: गुजरात और राजस्थान का स्थान रहे। अपनी इस तरह की पहली कवायद में आयोग ने ‘कृषि विपणन और कृषक अनुकूल सुधार सूचकांक’ तैयार किया था। यह सूचकांक राज्यों द्वारा कृषि क्षेत्र की नीतियों और कार्यक्रमों में सुधारों की दिशा में की गयी पहल पर आधारित थे।

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