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केरल: मंदिरों में RSS की शाखा पर लगेगी रोक, निजी परिसर में शाखा लगाने से पहले देनी होगी पुलिस को सूचना

सीपीएम के मंत्री ने कहा, शाखा की आड़ में आरएसएस मंदिरों को हथियार छिपाने और प्रशिक्षण देने की जगह के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है।

Author तिरुअनंतपुरम | September 9, 2016 9:09 AM
केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन (Source: PTI)

केरल की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मार्क्सवादी (सीपीएम) सरकार ने राज्य के मंदिरों में गैर-आध्यात्मिक गतिविधियों (शस्त्र प्रशिक्षण, ड्रिलिंग और बैठक इत्यादि) पर  रोक लगाने जा रही है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने सरकार के इस प्रस्ताव का विरोेध किया है। राज्य के मंदिरों की देखरेख करने वाल देवास्वोम विभाग द्वारा तैयार मसौदे के अनुसार मंदिर परिसरों में आरएसएस की शाखाओं पर रोक लग जाएगी। प्रस्तावित कानून के अनुसार अगर किसी व्यक्ति के निजी परिसर में आरएसएस की शाखा लगायी जानी है तो उसकी सूचना पहले पुलिस को देनी होगी। फिलहाल राज्य का गृह मंत्रालय इस कानून के मसौदे पर विचार कर रहा है।

सीपीएम नेता और देवास्वोम मंत्री कडकम्पल्ली सुरेंद्रन ने कहा कि सरकार आरएसएस को उसके कैडरों के प्रशिक्षण के लिए मंदिरों के इस्तेमाल की इजाजत नहीं दे सकती। सुरेंद्रन ने कहा, “किसी भी संगठन द्वारा मंदिरों का इस्तेमाल हथियारों और शारीरिक प्रशिक्षण के लिए करना श्रद्धालुओं के संग अन्याय है। कुछ मंदिरों में ऐसी गैर-कानूनी गतिविधियां हो रही हैं। शाखा की आड़ में आरएसएस मंदिरों को हथियार छिपाने और प्रशिक्षण देने की जगह के तौर पर इस्तेमाल कर रही है।”

सीपीएम सरकार के ये फैसला ऐसे समय में आया है जब केरल में आरएसएस के प्रभाव में विस्तार हो रहा है। संघ परिवार ने हाल ही में राज्य के कई खस्ताहाल मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया है। आरएसएस केरल की कई पारंपरिक पवित्र मानी जानी वाली गुफाओं पर भी मंदिर का निर्माण कराया है। बीजेपी के सूत्रों के अनुसार तीन साल पहले तक केरल में आरएसएस की करीब 4 हजार इकाइयां थीं। इस समय आरएसएस शाखा इकाइयों की संख्या 5500 के करीब है और ये संख्या बढ़ती ही जा रही है।

आरएसएस केरल प्रांत कार्यवाहक गोपालनकुट्टी मास्टर ने कहा, “पूजा करने वालों ने मंदिरों में आरएसएस शाखाओं के बारे में शिकायत नहीं की है। हम पूजा या दूसरी कार्यक्रमों में बाधा पहुचाए बिना शाखा लगाते हैं। हम योग और ड्रिल सेशन करते हैं। भजन गाते हैं, चर्चा करते हैं। सीपीएम को लगता है कि मंदिरों में शाखा पर रोक लगाने से आरएसएस खत्म हो जाएगा। इससे उनके अज्ञान का पता चलता है। हम इस कदम के खिलाफ संघर्ष करेंगे।” गोपालनकुट्टी के अनुसार, “हम मंदिरों में हथियारों का प्रशिक्षण नहीं देते।”

त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड के अध्यक्ष प्रयार गोपालकृष्णन के अनुसार मंदिर की देखरेख करने वाली संस्था को हथियारों के प्रशिक्षण से जुड़ी कोई शिकायत नहीं मिली है। गोपालकृष्णन ने कहा, “आरएसएस के स्वयंसेवक मंदिरो में पूजा-प्रार्थना कर सकते हैं लेकिन हम उन्हें हथियारों के प्रशिक्षण की इजाजत नहीं देंगे।” गोपालकृष्णन को राज्य की पिछली कांग्रेस गठबंधन सरकार के समय बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया था।

केरल बीजेपी के महासचिव के सुरेंद्रन ने कहा कि आरएसएस की शाखाएं सरकारी के रहमोकरम से नहीं चलतीं। सुरेंद्रन ने कहा, “मंदिरों में आरएसएस की शाखा के खिलाफ हुई कोई शिकायत सरकार को दिखानी चाहिए। शाखा पर रोक लगाकर सीपीएम राष्ट्रविरोधी ताकतों को खुश करना चाहती है, जिनकी मदद से वो सत्ता में आई है।” भारत के गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार (8 सितंबर) को राज्य के सीएम पी विजयन को फोन करके ताजा राजनीतिक हिंसा पर चिंता जताई। राजनाथ ने ट्वीट करके बताया कि सीएम विजयन ने उन्हें राजनीतिक हिंसा के मामले में त्वरित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। मंगलवार (6 सितंबर) को बीजेपी की तिरुअनंतपुरम स्थित राज्य कमेटी के दफ्तर पर एक देसी बम से हमला किया गया था। राज्य में पिछले कुछ समय से सीपीएम और बीजेपी-आरएसएस समर्थकों के बीच कई बार खूनी हिंसा हो चुकी है।

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