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Kerala Floods: छत से 26 लोगों को बचाने वाले हेलीकॉप्टर पायलट ने साझा किया अनुभव- 3 सेकंड में हो जाता सब चकनाचूर!

केरल में नाटकीय तरीके से एक इमारत की छत से 26 लोगों को बचाने वाले सीकिंग हेलीकॉप्टर के इस अभियान में जरा भी चूक हो जाती तो इसे टुकड़ों में बिखरने में महज तीन सैकंड लगते।

Author August 20, 2018 3:26 PM
प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

केरल में नाटकीय तरीके से एक इमारत की छत से 26 लोगों को बचाने वाले सीकिंग हेलीकॉप्टर के इस अभियान में जरा भी चूक हो जाती तो इसे टुकड़ों में बिखरने में महज तीन सैकंड लगते। इस रोमांचकारी बचाव अभियान का अनुभव साझा करते हुए पायलट ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि ‘‘रूफटॉप लो होवर इन ए लाइट आॅन व्हील्स’’ : छत पर लैडिंग का तकनीकी नाम :के बाद यानी छत के निकट पहुंचकर हेलीकॉप्टर करीब आठ मिनट तक मंडराता रहा और फिर अभियान को अंजाम देने के बाद उसने उड़ान भरी।
लेफ्टिनेंट कमांडर अभिजीत गरुण ने कहा, ‘‘मुझे ‘लाइट आॅन व्हील्स’ के लिए फैसला करना पड़ा जहां हेलीकॉप्टर का पूरा वजन छत पर नहीं डाला जाता। क्योंकि ऐसा होने पर छत धंस सकती है।’’ केरल के बाढ़ग्रस्त चालाकुडी कस्बे में शुक्रवार को नौसेना के सींिकग 42 बी हेलीकॉप्टर के इस लोमहर्षक अभियान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और इसे हजारों ‘हिट’ मिले हैं।

चार लोगों को बचाने के बाद 22 अन्य लोगों को भी उठाना एक कठिन काम था और चालक दल के सदस्यों ने उक्त प्रक्रिया अपनाने का फैसला किया। जब पायलट से पूछा गया कि कोई भी चूक होने पर क्या होता, इस पर 33 वर्षीय पायलट ने कहा, ‘‘हेलीकॉप्टर को पूरी तरह चकनाचूर हो जाने में तीन से चार सैकंड लगते। यह मेरे लिए मुश्किल फैसला था। मुझे खुशी है कि हमने सही फैसला किया।

उन्होंने कहा, ‘‘यह पायलट के उचित फैसले का उत्कृष्ट उदाहरण है।’’ बचाये गये लोगों में 80 साल के एक बुजुर्ग शामिल हैं जिन्हें कुछ सामान के साथ चालाकुडी से कोच्चि में नौसैनिक अड्डे आईएनएस गरुण पर पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि टीम वर्क और सदस्यों के बीच बेहतर तालमेल से यह अभियान संभव हो सका।

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