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Floods & Rains: केरल में मरने वालों की संख्या हुई 88, मुंबई में भारी बारिश की संभावना, जानें कर्नाटक और महाराष्ट्र के हाल

कर्नाटक सरकार के अनुसार, ‘बाढ़ की स्थिति अब सामान्य हो रही है। बाढ़ प्रभावित जिलों में अब पानी धीरे-धीरे घटना शुरू हो गया है और बाढ़ की स्थिति में सुधार हो रहा है।’ इस दौरान कर्नाटक सरकार ने देश का स्वतंत्रता दिवस समारोह ‘सादे’ तरीके से मनाने का फैसला किया है।

Author नई दिल्ली | Updated: August 14, 2019 9:00 AM
केरल में बाढ़ का कहर जारी (फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

Kerala Flood, Karnataka, Maharashtra, Gujarat Rains, Weather Forecast: केरल में बाढ़ में मरने वालों की संख्या मंगलवार (13 अगस्त) को बढ़कर 88 हो गई है, वहीं मौसम विभाग ने राज्य के तीन जिलों में ‘‘भारी बारिश’’ का अनुमान जताया है। हालांकि बाढ़ प्रभावित कर्नाटक और गुजरात में स्थिति में सुधार हो रहा है जिससे अधिकारी राहत एवं बचाव अभियान को तेजी से कर पा रहे हैं। बता दें कि ओडिशा में पिछले सप्ताह से भारी बारिश हो रही है और मंगलवार को राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं।

केरल में भारी तबाहीः देश भर में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 210 हो गई है, जबकि केरल में यह बढ़कर 88 महाराष्ट्र में 43 और गुजरात में 31 हो गई है। वहीं उत्तर प्रदेश में भी बारिश जनित घटनाओं में दो लोगों के मरने की खबर है जहां कई इलाकों में रातभर भारी बारिश हुई है। केरल में एर्णाकुलम, इडुक्की और अलप्पुझा के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है क्योंकि राज्य के मध्य इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है।

भारी बारिश का अनुमानः तिरुवनंतपुरम में भारत मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक के संतोष ने कहा कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव क्षेत्र मजबूत होने से राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान है। बता दें कि राज्य सरकार द्वारा मंगलवार सुबह नौ बजे तक के अपडेट के अनुसार आठ अगस्त से अब तक मरने वालों की संख्या 88 पहुंच गई है। इसमें और इजाफा होने की आशंका है क्योंकि बाढ़ के वजह से 40 लोग अब भी लापता हैं।

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महाराष्ट्र के बाढ़ की स्थिति में सुधारः अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित कोल्हापुर और सांगली जिलों में बचाव अभियान पूरा हो गया है। पानी घटने से अब प्रभावित लोगों को आवश्यक सामग्री की आपूर्ति करने पर जोर बढ़ गया है। कर्नाटक सरकार की ओर से मंगलवार को जारी आधिकारिक अपडेट के अनुसार राज्य में बाढ़ एवं भारी बारिश से प्रभावित जिलों और जलाशयों में धीरे-धीरे जलस्तर घटने से स्थिति में सुधार हो रहा है।

कर्नाटक में स्वतंत्रता दिवस समारोह ‘सादे’ तरीके से मनाया जाएगाः कर्नाटक सरकार के अनुसार, ‘बाढ़ की स्थिति अब सामान्य हो रही है। बाढ़ प्रभावित जिलों में अब पानी धीरे-धीरे घटना शुरू हो गया है और बाढ़ की स्थिति में सुधार हो रहा है।’ इस दौरान कर्नाटक सरकार ने देश का स्वतंत्रता दिवस समारोह ‘सादे’ तरीके से मनाने का फैसला किया है क्योंकि राज्य के अधिकतर हिस्से बाढ़ और लगातार बारिश से प्रभावित हैं। बता दें कि पिछले सात दिन में नौसेना ने ‘वर्षा राहत’ अभियान के तहत महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक के बाढ़ प्रभावित इलाकों से 14,000 लोगों को बचाया है।

वरिष्ठ सरकारी अधिकारी स्वतंत्रता दिवस समारोह में फहराएंगे झंडाः मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने 15 अगस्त को वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से जिला और तालुका स्तर के कार्यक्रमों में स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय झंडा फहराने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अकेले ही सभी विभागों का प्रभार देख रहे हैं और उन्होंने किसी को मंत्री नहीं बनाया है। आम तौर पर मंत्री जिला मुख्यालयों में झंडा फहराते हैं।

ओडिशा में भी भीषण बारिशः ओडिशा में लगातार बारिश के चलते बौध, बोलनगीर, कालाहांडी, कंधमाल और सोनपुर जिलों में कुछ जगहों पर पटरी पर पानी भर जाने के कारण पश्चिमी राज्य के कई हिस्सों में ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं। राष्ट्रीय राजधानी में भी मंगलवार को बारिश हुई, वहीं हिमाचल प्रदेश में भी कई जगहों पर भारी बारिश हुई।

महाराष्ट्र के सीएम समेत कई नेता ने दिया अपना एक माह का वेतनः महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और सभी कैबिनेट मंत्रियों ने राज्य में बाढ़ से हुई तबाही के मद्देनजर मंगलवार को मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए अपना एक महीने का वेतन दान करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक अधिकारी ने कहा, इस राशि का उपयोग बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत देने और उनके पुनर्वास की सुविधा प्रदान करने के लिए किया जाएगा। बाढ़ ने सतारा, पुणे और सोलापुर जिलों को प्रभावित करने के अलावा पश्चिमी महाराष्ट्र के कोल्हापुर और सांगली जिलों में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है।

बुधवार को हो सकती है भारी बारिशः महाराष्ट्र में पुणे, कोल्हापुर और सतारा जिलों के पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ जगह बुधवार (14 अगस्त) को भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग की ओर से मंगलवार को जारी पूर्वानुमान ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि पश्चिमी महाराष्ट्र के कोल्हापुर और सांगली जिले भयंकर बाढ़ से अब भी उबरने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कोयना, वारना और राधानगरी सहित कई बांध सहयाद्रि पर्वतीय रेंज की तलहटी में स्थित हैं।

4 लाख लोग प्रभावितः पर्वतों और पहाड़ियों से बड़ी मात्रा में नदियों में पानी का आ जाना भी अभूतपूर्व बाढ़ का प्रमुख कारण रहा, खासकर सांगली और कोल्हापुर जिलों में जहां नौ दिन बाद भी जलस्तर में कमी आनी बाकी है। बाढ़ की वजह से चार लाख से अधिक लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने बुधवार के बाद शेष सप्ताह में पूरे महाराष्ट्र में हल्की और मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।

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