ताज़ा खबर
 

राहुल गांधी के इस फैसले से पार्टी के सीनियर नेता नाराज, बोले- ऐसे भी कोई सरेंडर करता है?

पी जे कूरियन ने कहा है कि पार्टी में कुछ नेताओं ने नफरत की राजनीति करते हुए और षडयंत्र रचते हुए मणि कांग्रेस को ये सीट गिफ्ट में दी है। कूरियन ने कहा कि पार्टी आलाकमान को इस मामले में अंधेरे में रखा गया है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी। (फोटोः फेसबुक)

कांग्रेस पार्टी ने राज्य सभा के उप सभापति पी जे कूरियन के रिटायरमेंट से खाली हो रही सीट को केरल की सहयोगी पार्टी केरल कांग्रेस (मणि) को देने का फैसला किया है लेकिन इस फैसले से पार्टी के कई बड़े नेता नाराज हो गए हैं। बता दें कि इस महीने की 30 तारीख को राज्य सभा के उप सभापति पी जे कूरियन का कार्यकाल खत्म हो रहा है। गुरुवार (07 जून) को नई दिल्ली में पार्टी के सीनियर नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से मीटिंग करने के बाद एलान किया कि राज्य की एकमात्र सीट सहयोगी दल को दी जा रही है। केरल में विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथाला ने बताया कि ऐसा राज्य में कांग्रेस की अगुवाई वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) को मजबूत करने के लिए किया गया है। केरल कांग्रेस (मणि) राज्य की क्षेत्रीय पार्टी है, जिसकी मध्यवर्ती केरल के क्रिश्चन समुदाय पर अच्छी पकड़ मानी जाती है। माना जा रहा है कि कांग्रेस ने इस क्षेत्रीय दल को यूडीएफ में शामिल कराने के लिए यह दांव खेला है। कांग्रेस केरल (मणि) दो साल बाद यूडीएफ में शामिल होनेवाली है। यह कांग्रेस की सबसे पुरानी सहयोगी पार्टी मानी जाती है लेकिन 2016 के विधान सभा चुनाव के बाद इसने यूडीएफ छोड़ दिया था।

इधर, पार्टी नेतृत्व के फैसले से कई नेता नाराज हैं। इनमें प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष वीएम सुधीरन, पी जे कूरियन, युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डीन कुरियास्को शामिल हैं। एचटी मीडिया से बातचीत में इन नेताओं ने पार्टी के इस कदम को दीन-हीन समर्पण करार दिया है। केरल कांग्रेस के सचिव के जयंत ने पार्टी के इस फैसले से नाराज होकर विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राज्य के आठ युवा विधायकों ने भी सामूहिक रूप से पार्टी अध्यक्ष को अपनी नाराजगी जताई है।

पी जे कूरियन ने कहा है कि पार्टी में कुछ नेताओं ने नफरत की राजनीति करते हुए और षडयंत्र रचते हुए मणि कांग्रेस को ये सीट गिफ्ट में दी है। कूरियन ने कहा कि पार्टी आलाकमान को इस मामले में अंधेरे में रखा गया है। कूरियन ने पार्टी अध्यक्ष को लिखे खत में कहा है कि वो राज्य सभा में वापसी नहीं चाहते हैं लेकिन इस पद को मणि कांग्रेस को भी न देने की गुहार लगाई है। कूरियन ने पार्टी के छह नेताओं का नाम भी प्रस्तावित किया है, जिन्हें राज्य सभा भेजा जा सकता है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App