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एक्‍टर ने कहा- सबरीमाला में घुसने वाली महिलाओं के दो टुकड़े कर देने चाहिए, सुनते रहे केरल बीजेपी अध्‍यक्ष

एक्टर तुलसी, जो भाजपा के सक्रिय सदस्य होने के साथ साल 2016 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की तरफ से कोल्लाम के कुंदर से चुनावी मैदान थे, ने बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए के घटक दल द्वारा 'सेव सबरीमाला' अभियान में ये बातें कहीं।

Author October 13, 2018 12:38 PM
भाजपा अध्यक्ष की मौजूदगी में कोल्लम ने सबरीमाला मंदिर मामले में फैसला देने वाले सुप्रीम कोर्ट को मूर्ख तक कह डाला। (photo source reuters)

मलयालम फिल्म एक्टर कोल्लम तुलसी ने शुक्रवार (12 अक्टूबर, 2018) को विवादित बयान देते हुए कहा कि जो महिलाएं सबरीमाला मंदिर में दाखिल होती हैं उनके दो टुकड़े कर देने चाहिए। कोल्लम, भाजपा के स्टेट अध्यक्ष पीएस श्रीधरन पिल्लई संग यहां एक कार्यक्रम में मौजूद थे। भाजपा अध्यक्ष की मौजूदगी में कोल्लम ने सबरीमाला मंदिर मामले में फैसला देने वाले सुप्रीम कोर्ट को मूर्ख तक कह डाला। हालांकि विवादित बयान के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज किया है। एक्टर तुलसी, जो भाजपा के सक्रिय सदस्य होने के साथ साल 2016 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की तरफ से कोल्लाम के कुंदर से चुनावी मैदान थे, ने बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए के घटक दल द्वारा ‘सेव सबरीमाला’ अभियान में ये बातें कहीं। कार्यक्रम शामिल भारत धर्म जन सेना ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ खूब विरोध-प्रदर्शन किया।

यहां बता दें कि पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने अपने एतिहासिक फैसले में केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की अनुमति दी थी। इसके खिलाफ कोल्लम तुलसी ने शुक्रवार को जनता को संबोधित करते हुए कहा कि आप माताओं को सबरीमाला मंदिर जाना चाहिए, क्योंकि कुछ महिलाएं वहां आएंगी। माताओं को मंदिर में आने वाली उन महिलाओं को दो हिस्सें बांट देना चाहिए। इसका एक हिस्सा दिल्ली और दूसरा मुख्यमंत्री के कमरे में फेंक देना चाहिए। कोल्लम ने आगे कहा, ‘मैं जानता हूं आप ऐसा नहीं करने जा रहे। क्योंकि आप शिक्षित और समझदार है।’

गौरतलब है कि केरल में विपक्षी दल भाजपा और कांग्रेस के सदस्यों ने भगवान अय्यप्पा के श्रद्धालुओं के प्रति एकजुटता दिखाते हुए शुक्रवार को प्रदर्शन किया। इसी बीच माकपा नेतृत्व वाले एलडीएफ की प्रमुख समर्थक भाकपा ने कहा कि सबरीमला पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का ‘राजनीतिकरण’ करने की कोशिश की जा रही है। भाजपा ने कहा कि प्रदर्शन केरल तक सीमित नहीं रहेगा और इसे दक्षिण भारत के अन्य राज्यों तक ले जाया जाएगा। भाकपा के राज्य सचिव कन्नम राजेंद्रन ने कहा, ‘एलडीएफ श्रद्धालुओं के खिलाफ नहीं है। सरकार उच्चतम न्यायालय के आदेश को लागू करने को बाध्य है और वह वही कर रही है।’

उन्होंने कहा, ‘मुद्दे का राजनीतिकरण करने की कोशिश की जा रही है।’ महिलाओं सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं के एक समूह ने ‘त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड’के कार्यालय के सामने धरना दिया और ‘सबरीमला मंदिर की रक्षा करें’ के नारे लगाएं। यह बोर्ड मंदिर की देखरेख करता है। (एजेंसी इनपुट सहित)

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