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निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी पूर्व केरल महिला कांग्रेस चीफ, पार्टी दफ्तर के सामने मुंडाया था सिर

उन्होंने कहा, "मैं इस पार्टी के लिए लंबे समय से काम कर रही हूं। कांग्रेस पार्टी के कई विधायक मुझसे कनिष्ठ हैं।" वह ऐसे पद पर नहीं रहना चाहतीं, जो उन्हें एक टिकट भी नहीं दिला सके।

Kerala Assembly Elections 2021केरल की पूर्व वरिष्ठ महिला कांग्रेस नेता लथिका सुभाष। (फोटो- एएनआई)

केरल में कांग्रेस की वरिष्ठ महिला नेता रहीं राज्य की महिला इकाई की पूर्व अध्यक्ष लथिका सुभाष (56) ने एत्तूमनूर सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा की है। कांग्रेस पार्टी से उन्हें टिकट नहीं दिए जाने के विरोध में हाल ही में उन्होंने पार्टी कार्यालय के सामने सिर मुंडवाकर पद से इस्तीफा दे दिया था। इससे पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।

केरल में महिला कांग्रेस की राज्य इकाई की अध्यक्ष रहीं लतिका सुभाष ने राज्य में छह अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवारों की सूची नई दिल्ली में जारी होने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया। नई दिल्ली में केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख मुल्लापल्ली रामचंद्रन द्वारा उम्मीदवारों की सूची की घोषणा करने के तुरंत बाद सुभाष ने यहां पार्टी मुख्यालय इंदिरा भवन में संवाददाताओं से मुलाकात की।

उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों की सूची में महिला उम्मीदवार कम हैं। कांग्रेस द्वारा जारी 86 उम्मीदवारों की सूची में केवल 9 महिलाएं हैं। यह अपमान है। कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच एक जानी-मानी महिला चेहरा लतिका सुभाष ने 2018 में महिला कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष का पद संभाला था।

सुभाष ने रोते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी में उन सभी महिलाओं की ओर से विरोध के प्रतीक के रूप में अपने सिर के बाल मुंडवाए हैं, जो अन्य उम्मीदवारों की सफलता के लिए कड़ी मेहनत करती रही हैं और उन्हें वर्षों तक नेतृत्व द्वारा दरकिनार और नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा, “मैं इस पार्टी के लिए लंबे समय से काम कर रही हूं। कांग्रेस पार्टी के कई विधायक मुझसे कनिष्ठ हैं।” कहा कि वह ऐसी पार्टी और पद पर नहीं रहना चाहतीं, जो उन्हें चुनाव में एक टिकट भी नहीं दिला सके।

वे बोलीं, “मैं केपीसीसी के उम्मीदवार के चयन से दुखी हूं। हमने महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत सीटें मांगी थीं.. प्रत्येक जिले से कम से कम एक महिला उम्मीदवार की उम्मीद की थी, लेकिन जो महिला नेता पार्टी के लिए काम करती थीं, उन्हें पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया जाता है।” इन वर्षों के दौरान कांग्रेस के साथ अपनी यात्रा को याद करते हुए, महिला नेता ने कहा कि उनका नाम चुनावों के समय सुना जाता था, लेकिन उन्हें कभी भी उम्मीदवारों की सूची में जगह नहीं मिली।

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