आंध्र प्रदेश के इस रेस्तरां में भारतीयों की ही एंट्री पर बैन! नस्लीय भेदभाव का लगा आरोप - indians not allowing at south korean restaurant in andhra pradesh - Jansatta
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आंध्र प्रदेश के इस रेस्तरां में भारतीयों की ही एंट्री पर बैन! नस्लीय भेदभाव का लगा आरोप

रेस्तरां के बाहर एक पोस्टर लगाया गया है। इसमें लिखा है कि दूसरे लोगों को एंट्री नहीं है। मामला तब प्रकाश में आया जब स्थानीय पत्रकार राहुल ने इस मुद्दे को उठाया।

तस्वीर फेसबुक से ली गई है।

आंध्र प्रदेश में एक साउथ कोरियन रेस्तरां ‘MOJAVE’ पर नस्लीय भेदभाव का आरोप लगा है। इस रेस्तरां में भारतीयों की एंट्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। राज्य के राम नगर में स्थित रेस्तरां के एक कर्मचारी ने बताया कि यह पिछले साल खुला था। रेस्तरां के बाहर एक पोस्टर लगाया गया है। इसमें लिखा है कि दूसरे लोगों को एंट्री नहीं है। मामला तब प्रकाश में आया, जब स्थानीय पत्रकार राहुल ने इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस रेस्तरां में सिर्फ साउथ कोरियन लोगों को जाने की अनुमति है। राहुल ने पूरे मामले को अपनी फेसबुक वॉल पर भी शेयर किया है। खबर के अनुसार, राहुल अपने भाई के साथ रेस्तरां में लंच के लिए पहुंचे थे, जहां कथित तौर पर उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया।

राहुल ने बताया, “पब्लिक प्लेस में खुले इस रेस्तरां में आम लोगों को नहीं जाने देना भेदभावपूर्ण है।” उन्होंने बताया कि जब वह रेस्तरां में पहुंचे तो उनसे कहा गया कि यह भारतीयों के लिए नहीं खुला है। इसके लिए एक पोस्टर भी बाहर चस्पां कर दिया गया है। राहुल का आरोप है उनके भाई का दोस्त भी पूर्व में इस तरह की परेशानी का सामना कर चुका है, जब वह डिनर के लिए रेस्तरां पहुंचा था। किया मोटर्स (साउथ कोरियन कार निर्माता कंपनी) में काम कर रहे स्थानीय शख्स ने बताया कि रेस्तरां सिर्फ कंपनी  लिए खोला गया था। पूछने पर ‘MOJAVE’ के मैनेजर ने भी बताया कि रेस्तरां सिर्फ साउथ कोरियन लोगों के लिए है। रेस्तरां में भारतीयों के प्रतिबंध पर एक अन्य शख्स ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।

शख्स ने बताया कि करीब एक साल से चल रहे रेस्तरां में अभी तक किसी भारतीय को जाने की अनुमति नहीं दी गई है। जानकारी के लिए बता दें कि साल 2014 में ‘Uno-Inn’ होटल को सिर्फ जापानियों के लिए होने की वजह से बंद कर दिया गया था। होटल पर तब बेंगलुरु नगर निगम ने ताला लगा दिया। इस होटल पर भी नस्लीय भेदभाव का आरोप लगा था। इस होटल में भी जापानी नागरिकों को छोड़कर किसी अन्य को जाने की अनुमति नहीं थी। इसलिए होटल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया।

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