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जिस संगठन पर है आतंकी गतिविधि का आरोप, उसी के मंच पर दिखे पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी

बीजेपी ने कहा, 'जो शख्स 10 साल तक भारत का उपराष्ट्रपति रहा है उसे उस संगठन के कार्यक्रम में शिरकत नहीं करना चाहिए था जो कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी की रडार पर है।
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के कार्यक्रम में मौजूद पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी (फोटो-Twitter/@nagarankit007)

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी एक बार फिर से विवादों में दिख रहे हैं। पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी शनिवार (23 सिंतबर) को केरल के कोझिकोड़ में एक कार्यक्रम में नजर आए जिसका आयोजन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की सहयोगी संस्था नेशनल वूमन फ्रंट ने किया था। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के आतंकी कनेक्शन की जांच एनआईए कर रही ही है। नयी दिल्ली स्थित संस्था इंस्टीट्यूट ऑफ ऑब्जेक्टिव स्टडीज ने नेशनल वूमन फ्रंट के सहयोग से ‘द रोल ऑफ वूमन इन मेकिंग अ ह्यूमन सोसायटी’ बिषय पर एक कॉन्फ्रेंस आयोजित किया था। द हिन्दू की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले में पीएफआई द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए हामिद अंसारी से माफीनामे की मांग की है। बता दें कि पीएफआई पर केरल के युवाओं को आतंकी संगठन ISIS के लिए नियुक्त करने का आरोप है।

बीजेपी के जिला अध्यक्ष पी रघुनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस जारी कर कहा कि, ‘जो शख्स 10 साल तक भारत का उपराष्ट्रपति रहा है उसे उस संगठन के कार्यक्रम में शिरकत नहीं करना चाहिए था जो कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी की रडार पर है। भारतीय जनता युवा मोर्चा ने भी इस मुद्दे पर हामिद अंसारी का विरोध किया है। BJYM के राज्य अध्यक्ष के पी प्रकाश बाबू ने कहा कि इस कार्यक्रम में पीएफआई के राज्य अध्यक्ष ई अबूबकर और NWF अध्यक्ष ए एस जैनबा ने शिरकत की थी। BJYM का आरोप है कि केरल सरकार ऐसे आयोजनों को बढ़ावा दे रही है।

क्या है पीएफआई ?

पीएफआई दक्षिण भारत के राज्यों में काम करने वाली एक इस्लामिक संस्था है। जुलाई 2010 में पीएफआई तब सुर्खियों में आया जब इस संस्था के 13 कार्यकर्ताओं ने इस्लाम के अनादर का आरोप लगाकार केरल के एक प्रोफेसर का हाथ काट डाला था। देश की सर्वोच्च जांच संस्था एनआईए ने गृह मंत्रालय को एक रिपोर्ट सौंप कर दावा किया है कि ये संस्था कई आतंकी गतिविधियों में शामिल है। इसमें आतंकी कैंप चलाना, बम बनाना शामिल है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक NIA ने गृह मंत्रालय से इस संगठन को अवैध गतिविधि रोकथाम कानून (UAPA) के तहत बैन करने की मांग की है। माना जा रहा है कि NIA ने अपने तर्क के समर्थन में चार कारणों का हवाला दिया है। इनमें केरल के इडुक्की में प्रोफेसर का हाथ काटने की घटना, कन्नूर में आतंकी कैंप लगाना जहां से एनआईए ने कथित रूप से तलवार और बम जब्त किया था, बैंगलुरु में आरएसएस नेता रुद्रेश की हत्या और दक्षिण भारत में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से जुड़े संगठन अल हिन्दी के सहयोग हमले करने की योजना बनाना शामिल है। हालांकि पीएफआई इन सारे आरोपों से इनकार करता है।

बता दें कि हामिद अंसारी पिछली बार तब विवादों में आ गये थे जब उन्होंने उपराष्ट्रपति पद का कार्यकाल समाप्त होने से पहले एक इंटरव्यू नें कहा था कि देश के मुसलमानों में बेचैनी और असुरक्षा का भाव है। अंसारी ने कहा था कि उन्होंने असहनशीलता का मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कैबिनेट सहयोगियों के सामने उठाया है । उन्होंने इसे ‘परेशान करने वाला विचार’ करार दिया कि नागरिकों की भारतीयता पर सवाल उठाए जा रहे हैं ।

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  1. D
    Dev Verma
    Sep 25, 2017 at 4:59 pm
    भाई मुसलमान कुछ भी कर सकता है...इनको इंडिया में सबकछ अल्लोवेद है....अगर किसी हिन्दू ने किया होता तो अभी तन ंडत्व बालों ने बोल दिया होता हो मार मार दिया....अफ़सोस की यह आदमी हमारा वाईस प्रेजिडेंट रहा है...इसका खून ही गन्दा है.
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    1. विजय सिंघल
      Sep 24, 2017 at 10:31 pm
      बहुत हरा मी है यह अंसारी की औलाद !
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