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आपकी पार्टी के लोगों ने क्यों ली मेरे पापा की जान- सीपीएम वर्कर की बेटी का बीजेपी नेताओं को खुला खत

केरल के वामपंथी कार्यकर्ता कन्निपपोयिल बाबू की हत्या कर दी गई थी। अब मारे गए कार्यकर्ता की बेटी ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव पीके कृष्णदास को पत्र लिखा है। पत्र में उसने सवाल उठाए हैं कि आखिरकार उसके पिता को भाजपा कार्यकताओं ने क्यों मार डाला?

मृतक सीपीआई कार्यकर्ता कन्निपपोयिल बाबू के घर पहुंचकर मृतक परिवार को सांत्वना देते केरल के पर्यटन मंत्री कड़कमपल्ली। फोटो-Twitter/Kadakampally

केरल के माहे में कुछ समय पहले भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के कार्यकर्ता कन्निपपोयिल बाबू की हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि उनकी हत्या कथित तौर पर भाजपा और हिन्दूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने की थी। अब मारे गए कार्यकर्ता बाबू की बेटी ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पीके कृष्णदास को पत्र लिखा है। पत्र में उनकी बेटी ने सवाल उठाए हैं कि आखिरकार उसके पिता को उनके कार्यकताओं ने क्यों मार डाला? पत्र लिखने वाली लड़की का नाम अनामिका है। महज 12 साल की अनामिका, पल्लूर जिले के माहे में अपने परिवार के साथ रहती है। उसका लिखा हुआ पत्र अब मीडिया में सुर्खियां बटोर रहा है।

पत्र में अनामिका ने ये पत्र अपने घर की अलमारी के सामने बैठकर लिखा है। इस अलमारी में अनामिका के पिता को भाजपा नेता के द्वारा दिया गया स्मृति चिन्ह भी रखा हुआ है। जो उसके पिता को हाल ही में उनके सामाजिक कार्यों के लिए दिया गया था। अनामिका ने अपने पत्र में लिखा,’इस स्मृति चिन्ह में मेरे पिता की महक नहीं है। उनकी जगह इसमें खून की महक है। ये महक मैंने पहले कभी भी महसूस नहीं की थी। जिस दिन मेरे पिता की हत्या हुई, वह घर से मेरे छोटे भाई के लिए स्कूली पोशाक खरीदने निकले थे। अगले दिन मेेरे पिता लाल रंग के कफन को ओढ़कर घर वापस आए थे। मेरे परिवार की खुशियां आखिर क्यों तबाह की गईं?

बता दें कि मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी से संबंध रखने वाले बाबू सामाजिक कार्यकर्ता भी थे। एक कार्यक्रम में भाजपा नेता कृष्णदास ने उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान किया था। उस कार्यक्रम को याद करते हुए अनामिका ने लिखा है,’आपने मेरे पिता की माहे बायपास एक्शन कमिटी के नेता होने के नाते उनके कामों की प्रशंसा की थी और उनके कामों को उल्लेखनीय बताया था। मैं उस कार्यक्रम में मां, भाई—बहनों और अपनी दादी के साथ मौजूद थी। क्या मेरे पिता सभी पार्टी कार्यकर्ताओं को एक निगाह से नहीं देखते थे? फिर क्यों, अंकल, आपके कार्यकर्ताओं ने मेरे पिता की हत्या कर दी?

बता दें, कि केरल में बीते कई दिनों से राजनीतिक हिंसा चरम पर पहुंच गई है। यहां सीपीआई—सीपीएम कार्यकर्ताओं और भाजपा—आरएसएस के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। दोनों की गुटों के कार्यकर्ताओं की लगातार हत्याएं प्रदेश में होती रही हैं। भाजपा इसे राज्य की वामपंथी सरकार की कानून—व्यवस्था में लापरवाही का सबूत बताती है। अपने कार्यकर्ताओं को हौसला देने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने 17 अक्टूबर 2017 को केरल की राजधानी तिरुअनंतपुरम में पैदल मार्च भी निकाला था। भाजपा ने इसे जनरक्षा यात्रा का नाम दिया था।

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