केरल विधानसभा चुनाव में इस बार के चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने भी अपनी जगह बनाई। पहली बार पार्टी का उम्मीदवार ने राज्य में जीत हासिल की है। कन्नूर जिले की कुथुपरम्बा सीट से राजद उम्मीदवार पी.के. प्रवीण ने चुनाव जीतकर पार्टी का खाता खोल दिया। यह जीत इसलिए खास है क्योंकि अब तक राजद को केरल में कभी सफलता नहीं मिली थी। दक्षिणी राज्य में राजद के लिए यह बड़ी उपलब्धि है।
केरल विधानसभा चुनावों के नतीजों ने राज्य की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है। इस चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत के करीब मजबूत स्थिति हासिल कर ली है। इसके साथ ही राज्य में नई सरकार बनाने की तैयारी तेज हो गई है।
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, कांग्रेस पार्टी ने अकेले 63 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं वामपंथी गठबंधन वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को बड़ा झटका लगा है। उसकी प्रमुख पार्टी माकपा को 26 सीटें मिली हैं, जबकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) को 8 सीटों पर जीत हासिल हुई है। केरल कांग्रेस को 7 सीटें मिली हैं। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने 22 सीटों पर जीत दर्ज की है। भाजपा ने भी 3 सीटें जीतकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
इस चुनाव की सबसे खास बात राजद की ऐतिहासिक जीत रही। कन्नूर जिले की कुथुपरम्बा सीट से पी.के. प्रवीण ने 70,448 वोट हासिल कर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) की जयंती राजन को 1,286 वोटों के अंतर से हराया। यह जीत इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि अब तक राजद को केरल में कभी सफलता नहीं मिली थी।
राजद नेता पी.के. प्रवीण पेशे से एक व्यवसायी हैं
पी.के. प्रवीण पेशे से एक व्यवसायी हैं और उन्होंने अन्नामलाई विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर और एम.फिल की पढ़ाई की है। उनकी संपत्ति के विवरण के अनुसार उनके पास लगभग 1.33 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 2.05 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है, जबकि उन पर करीब 15 लाख रुपये की देनदारी है। उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
राज्य में कांग्रेस की जीत के बाद यूडीएफ खेमे में खुशी का माहौल है। नेताओं ने इसे जनता के भरोसे की वापसी बताया है। अब गठबंधन में नई सरकार के गठन और मुख्यमंत्री के चयन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के लिए वी. डी. सतीशन, रमेश चेन्निथला और के. सी. वेणुगोपाल के नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं।
पार्टी नेतृत्व जल्द ही विधायकों और सहयोगी दलों से बातचीत करेगा, जिसके बाद अंतिम निर्णय अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा लिया जाएगा। कांग्रेस की ओर से एक टीम केरल भेजे जाने की भी तैयारी है।
दूसरी ओर, वाम मोर्चे को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने हार के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी अब इस हार की समीक्षा की तैयारी में है। चुनाव ने केरल की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। कांग्रेस की वापसी के साथ-साथ राजद की पहली जीत ने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को नई दिशा दे दी है। अब सभी की नजरें नई सरकार के गठन और मुख्यमंत्री के नाम पर टिकी हैं।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सांसद शशि थरूर ने केरल विधानसभा चुनाव में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) की ऐतिहासिक जीत को लेकर अहम राजनीतिक संकेत दिए हैं। उनके अनुसार यह परिणाम न सिर्फ केरल की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत है, बल्कि इसका असर राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन ‘INDIA Bloc’ की दिशा और रणनीति पर भी पड़ सकता है। थरूर ने यह भी संकेत दिया कि टीवीके नेता और अभिनेता-राजनेता विजय को भविष्य में ‘INDIA’ गठबंधन में शामिल होने का आमंत्रण मिल सकता है। उन्होंने कहा कि टीवीके के लिए गठबंधन के दरवाजे पूरी तरह खुले हैं और फिलहाल किसी भी दल को बाहर रखने की कोई नीति नहीं अपनाई गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक
