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केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना को लेकर जल्दी आ सकती है अच्छी खबर

जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने इस बारे में पूछे जाने पर कहा कि महत्वाकांक्षी केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना के बारे में अगले 15-20 दिनों में ‘अच्छी खबर’ आ सकती है।

Author नई दिल्ली | Published on: August 22, 2016 5:01 AM
केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती

केन-बेतवा समेत नदी जोड़ परियोजना को अमलीजामा पहनाने में हो रही देरी के बीच सरकार का कहना है कि मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश दोनों प्रदेशों के बुंदेलखंड क्षेत्र के 70 लाख लोगों की खुशहाली का मार्ग प्रशस्त करने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना के बारे में 15-20 दिनों में कोई अच्छी खबर आ सकती है। जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने इस बारे में पूछे जाने पर कहा कि महत्वाकांक्षी केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना के बारे में अगले 15-20 दिनों में ‘अच्छी खबर’ आ सकती है, जो पर्यावरण मंजूरी को लेकर कई महीनों से अटकी हुई है। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना के आगे बढ़ने से अन्य 30 नदी जोड़ परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त होगा। जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना से बुंदेलखंड में खुशहाली आएगी, पानी की कमी, फसल खराब होने एवं अन्य कारणों से दिल्ली और अन्य महानगरों में पलायन करने को मजबूर लोगों को राहत मिलेगी।

काफी समय से इस परियोजना को वन्यजीव समिति की मंजूरी नहीं मिल पाई है जबकि मंत्रालय ने हर एक बिंदुओं को स्पष्ट कर दिया है। संबंधित क्षेत्र में सार्वजनिक सुनवाई पूरी हो चुकी है। इस विषय पर पर्यावरण मंत्रालय से कोई मतभेद नहीं है। उल्लेखनीय है कि केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना को पहले पिछले वर्ष सितंबर तक शुरू होना था। लेकिन पर्यावरण एवं वन मंजूरी के विषय को लेकर इसकी अवधि को बढ़ा कर दिसंबर कर दिया गया और हालांकि अभी तक यह शुरू नहीं हो पाई है।

बताया जा रहा है कि वन्यजीव समिति, एक ऐसी समिति जिसमें कोई राजनैतिक व्यक्ति नहीं है, इसे मंजूरी नहीं दे रही है। सरकार का कहना है कि केन-बेतवा नदी क्षेत्र के लोग इस परियोजना के पक्ष में हैं। सरकार पहले की कह चुकी है कि इस परियोजना के लिए बांध की ऊंचाई के विषय पर कोई समझौता नहीं होगा। इस परियोजना से 70 लाख लोगों को फायदा होगा। उमा भारती ने हाल ही में कहा था कि नदी जोड़ परियोजनाओं को राज्यों के साथ सहमति के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।

सरकारी आकलन में कहा गया है कि इससे करीब सात हजार लोग प्रभावित होंगे और वे दूसरी जगह जाने को तैयार है क्योंकि वे जिस क्षेत्र में रह रहे हैं, वह अधिसूचित क्षेत्र है और कई समस्याएं उनके सामने आती हैं। केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि अगर यह प्रयोग सफल रहा, तो देश की विभिन्न नदियों को आपस में जोड़ने की 30 योजनाओं का सपना आंख खोलने लगेगा। अनुमान लगाया गया है कि नदी जोड़ योजनाओं के पूरा होने पर 25.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र (17 लाख हेक्टेयर हिमालय क्षेत्र में और 8.5 लाख हेक्टेयर दक्षिण भारत में) में सूखे का असर कम होगा। बहरहाल मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक नदियों को आपस में जोड़ने के विषय पर एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई थी। जिसमें इसके विभिन्न आयामों एवं इस दिशा में हुए काम की प्रगति पर विचार किया गया। इसके तहत दमन गंगा-पिंजाल लिंक के साथ ताप्ती-नर्मदा लिंक पर भी काम को आगे बढ़ाया गया है। साथ ही पंचेश्वर-सारदा लिंक पर भी काम किया जा रहा है।

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