KC Tyagi Joins RLD: बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (JDU) के पूर्व वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने राष्ट्रीय लोक दल (RLD) का दामन थाम लिया है। बिहार सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू छोड़ने के बाद केसी त्यागी रविवार (22 मार्च) सुबह RLD के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी की मौजूदगी में उनकी पार्टी में शामिल हुए।

पार्टी में शामिल होने के बाद केसी त्यागी ने कहा, “अब से ठीक 52 साल पहले 9 अगस्त 1974 को चौधरी चरण सिंह लोकदल बना रहे थे। मैं उस मंच पर विराजमान था। मैं चौधरी चरण सिंह की बदौलत दोनों सदनों का सदस्य रहा हूं। मैं अब विधायक और सांसद बनने के लिए नहीं, बल्कि जयंत चौधरी को चौधरी चरण सिंह की तरह देखने के लिए आया हूं। जो लोग यहां पर उपस्थित हैं उनसे मैं कहना चाहता हूं कि दो घटनाओं का तो मैं चश्मदीद गवाह हूं।”

जेडीयू और आरएलडी में कोई अंतर नहीं- केसी त्यागी

केसी त्यागी ने बाद में मीडिया से बातचीत में कहा, “जेडीयू और आरएलडी में कोई भी अंतर नहीं है। दोनों के आदर्श चौधरी चरण सिंह, कर्पूरी ठाकुर और लोहिया हैं। मैंने अपना राजनीतिक जीवन ही लोकदल से शुरू किया था और ये उसी का मूल स्वरूप है। चौधरी चरण सिंह के बचे हुए सपने को पूरा करने में हम मदद करेंगे। मैं आने वाले चुनाव में लोकसभा और विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ूंगा। मैं दोनों का सदस्य रह चुका हूं। जेडीयू और आरएलडी में कोई फर्क नहीं है। एक समय था जब नीतीश कुमार और चौधरी चरण सिंह मिलकर पार्टी बनाने वाले थे। इन दोनों में कोई अंतर नहीं है।”

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यूपी वेस्ट की सियासत में पड़ेगा क्या फर्क

नौवीं लोकसभा में हापुड़-गाजियाबाद के सांसद रह चुके केसी त्यागी लंबे समय से जाट राजनीति में सक्रिय रहे हैं। उनके आने से RLD को जाट वोटरों के बीच और मजबूती मिल सकती है। त्यागी का राजनीतिक अनुभव और रणनीति बनाने की क्षमता पार्टी को चुनावी रणनीति मजबूत करने में मदद करेगी। यह कदम आने वाले चुनावों में RLD की स्थिति को मजबूत कर सकता है, खासकर उन सीटों पर जहां जाट वोट निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

कौन हैं केसी त्यागी

किशन चंद त्यागी, जिन्हें केसी त्यागी के नाम से जाना जाता है, गाजियाबाद के रहने वाले हैं और उनका एक लंबा और सक्रिय राजनीतिक करियर रहा है जो 1970 के दशक से चला आ रहा है। 1989 में, वे उत्तर प्रदेश के हापुड़ निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के सांसद चुने गए। सालों से, उन्होंने विभिन्न दलों में महत्वपूर्ण संगठनात्मक भूमिकाएं निभाई हैं। इनमें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और बाद में जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में कार्य करना शामिल है। त्यागी 2013 में राज्यसभा के लिए चुने गए और उन्होंने तीन अलग-अलग मौकों पर जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में कार्य किया। 2024 में, उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए पार्टी के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया। पढ़ें पूरी खबर…

केसी त्यागी ने कब-कब बढ़ाई मोदी सरकार की टेंशन

केसी त्यागी ने कई मुद्दों पर ऐसे बयान दिए जिसने मोदी सरकार को सोचने पर मजबूर कर दिया था। अग्निपथ स्कीम को लेकर केसी त्यागी ने कहा था कि अग्निपथ स्कीम पर दोबारा से विचार करने की जरूरत है। इसके अलावा उन्होंने यूनिफॉर्म सिविल कोड और वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर भी अपना पक्ष रखा था। पढ़ें पूरी खबर…