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कश्‍मीर बीजेपी अध्‍यक्ष बोले- कठुआ के दोषियों को सजा जरूर मिलेगी

जम्मू एवं कश्मीर भाजपा अध्यक्ष रविंद्र रैना ने बुधवार को कहा कि कठुआ दुष्कर्म एवं हत्या मामले के दोषी को दंडित किया जाएगा।

Author श्रीनगर | May 16, 2018 3:15 PM
जम्मू एवं कश्मीर भाजपा अध्यक्ष रविंद्र रैना

जम्मू एवं कश्मीर भाजपा अध्यक्ष रविंद्र रैना ने बुधवार को कहा कि कठुआ दुष्कर्म एवं हत्या मामले के दोषी को दंडित किया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष के रूप में नामित होने के बाद रैना श्रीनगर पहुंचे। यहां भाजपा के एक समारोह से इतर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि कानून का एक छात्र के नाते मैं जानता हूं कि कठुआ दुष्कर्म एवं हत्या मामला विचाराधीन है और हमें इस टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। लेकिन मैं जानता हूं कि हमारे देश में सबसे शक्तिशाली संस्थान न्यायपालिका है। उन्होंने कहा, “इस जघन्य अपराध के दोषियों को कठोर दंड मिलेगा और किसी बेकसूर व्यक्ति को कष्ट नहीं उठाना पड़ेगा।” जनवरी माह में कुठआ से एक आठ साल की बच्ची को अगवा कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था और बाद में उसकी हत्या कर दी गई थी, जिससे देशभर में आक्रोश उत्पन्न हो गया।

बता दें कि इससे पहले इस मामले को लेकर खबर आई थी कि केस को स्थानंतरित किया गया था।  7 मई को सर्वोच्च न्यायालय ने जम्मू एवं कश्मीर के कठुआ में आठ वर्षीय बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसके बाद उसकी हत्या किए जाने के मामले की सुनवाई पंजाब के पठानकोट स्थानांतरित करने का आदेश सोमवार को दिया और कहा कि ‘भय और निष्पक्ष सुनवाई एक साथ नहीं हो सकती।’ प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा ने इस मामले की सुनवाई बंद कमरे में और रोजाना आधार पर करने के भी निर्देश दिए थे।

अदालत ने कहा था कि बंद कमरे में सुनवाई का आदेश इसलिए दिया गया है ताकि गवाह खुद को महफूज और आरोपी सुरक्षित महसूस करें। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि वह समय-समय पर मामले और इसके मुकदमे की निगरानी करेगा। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई नौ जुलाई को मुकर्रर कर दी थी। सर्वोच्च न्यायालय ने मामले को कठुआ से 25 किलोमीटर दूर पंजाब के पठानकोट स्थानांतरित करने के अपने आदेश में कहा, “संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत मामले की सही सुनवाई एक अटल सिद्धांत है।”

पीठ ने कहा कि पठानकोट जिला व सत्र न्यायाधीश मुकदमे को अपने पास रख सकते हैं, जबकि जम्मू एवं कश्मीर सरकार को सरकारी वकील नियुक्त करने की इजाजत है।
शीर्ष अदालत ने कहा कि मुकदमा रणबीर पैनल कोड के प्रावधानों के अंतर्गत चलेगा, जो कि जम्मू एवं कश्मीर की अपराध संहिता है। राज्य सरकार को पीड़िता के परिजनों, उनके वकील और गवाहों को सुरक्षा मुहैया कराने के आदेश दिए गए हैं। पीड़िता के पिता की याचिका पर मामले की सुनवाई कठुआ से स्थानांतरित करने का फैसला किया गया।

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