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कश्मीरी छात्र ने बताया कोटा को ज्यादा सुरक्षित, कहा- अब जाना क्या होती है नियमित कक्षाएं

ताबिश मुश्ताक डॉक्टर बनने का सपना लिए कश्मीर से जब यहां आयी तो उसे महसूस हुआ कि यह जगह घाटी की तुलना में कितनी सुरक्षित है।

Author कोटा | July 24, 2016 5:06 PM
चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (File photo)

कश्मीर मेंं अकसर आतंकी हमलों, हिंसा और विरोध प्रदर्शनों से शिक्षा प्रक्रिया बाधित होती है जिस वजह से मेडिकल और इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा पास करने का सपना लेकर यहां आने वाले छात्रों के लिए नियमित कक्षाएं एक नयी चीज है।
कश्मीरी छात्रों के लिए उनका सपना प्रतिस्पर्धी परीक्षाएं पास करने ही नहीं बल्कि आतंकवाद से लड़ने के एक हथियार के तौर पर शिक्षा का इस्तेमाल करना भी है।

मेडिकल और इंजीनियरिंग परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले कोचिंग सेंटरों के गढ़ कोटा में देश में अलग अलग हिस्सों से छात्र कोचिंग के लिए आते हैं और हाल के समय में यहां कश्मीर के छात्रों की बड़ी संख्या पहुंची है। ताबिश मुश्ताक डॉक्टर बनने का सपना लिए कश्मीर से जब यहां आयी तो उसे महसूस हुआ कि यह जगह घाटी की तुलना में कितनी सुरक्षित है।

उसने कहा कि यह जगह आतंकवाद के खतरे से जूझ रही कश्मीर घाटी की तुलना में काफी सुरक्षित है। यहां के एक कोचिंग सेंटर में पढ़ रही ताबिश ने कहा, ‘‘यहां नियमित रूप से कक्षाएं होती हैं। लेकिन घाटी में लगभग हर दिन स्कूल के लिए निकलने से पहले हमें तनावपूर्ण स्थिति की जानकारी का संदेश मिलता है।’’

जम्मू-कश्मीर की छात्रा अदीप कौर नीट :एनईईटी: परीक्षा की तैयारी कर रही है। उसने बताया कि जब वह तीसरी कक्षा में थी तब उसके स्कूल में बम विस्फोट हुआ था। इसके बाद स्कूल कई दिनों तक बंद रहा था। उसने कहा, ‘‘यहां हम कक्षाओं की नियमितता को लेकर निश्चित हैं और घाटी में अनिश्चितता की स्थिति के उलट यहां पढ़ाई प्रभावित नहीं होती।’’ हिंसा और हमलों के कारण कश्मीर घाटी में शैक्षिणिक कैलेंडर बाधित होता रहा है। ऐहतियाती उपाय के तौर पर स्कूल और कॉलेज कई बार बंद कर दिए जाते हैं।

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