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जम्मू कश्मीर पुलिस की शहीदों के परिवारों की आर्थिक सहायता के लिए मुहिम शुरू

जम्मू कश्मीर पुलिस ने राज्य में आतंकवाद से लड़ाई में मारे गये 499 विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) के परिवारों को आर्थिक सहायता मुहैया कराने के लिए लोगों से चंदा एकत्र करने की आज एक मुहिम शुरू की।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शहीद पुलिस वालों को सहायता मुहैया कराने के लिए लोगों से चंदा एकत्र करने की आज एक मुहिम शुरू की

जम्मू कश्मीर पुलिस ने राज्य में आतंकवाद से लड़ाई में मारे गये 499 विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) के परिवारों को आर्थिक सहायता मुहैया कराने के लिए लोगों से चंदा एकत्र करने की आज एक मुहिम शुरू की। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस महानिदेशक एस पी वैद ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से चंदा इकट्ठा करने के लिए ट्विटर पर सुबह आठ बजे अभियान शुरू किया। अधिकारी ने कहा, ‘‘हमारे 499 एसपीओ ने ड्यूटी के दौरान अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके परिवारों की देखभाल करना हमारी जिम्मेदारी है।’’ उन्होंने बताया, ‘‘यह चंदा एकत्रित करना इन शहीदों और उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का हमारा छोटा-सा प्रयास है।’’ उन्होंने बताया कि मिलने वाले धन का उपयोग मारे गये एसपीओ के परिवार वालों के पुनर्वास, उनके बच्चों को शिक्षा देने, उनके पेशेवर पाठ्यक्रमों एवं प्रतियोगी परीक्षा के लिए कोचिंग देने के वास्ते किया जाएगा।

जम्मू एवं कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शेष पॉल वैद ने सोमवार को मशहूर हस्तियों से आतंकवादियों से मोर्चा लेने के दौरान शहीद हुए विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) के परिवार के लिए आर्थिक मदद करने की अपील की। पॉल ने ट्वीट कर कहा,”मैं सामाजिक रूप से प्रभावित करने वाले लोगों से अपना कर्तव्य निभाने के दौरान शहीद हो चुके जम्मू एवं कश्मीर के एसपीओ के परिवारों के लिए धन जुटाने में मदद करने की अपील करता हूं। उन्होंने शहीद हुए 499 एसपीओ के परिवारों की आर्थिक मदद के लिए धन जुटाने में मदद के लिए क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग व बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार और अनुपम खेर का जिक्र किया।

उन्होंने देशवासियों से भी इस नेक काम में बढ़- चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।  गौरतलब है कि घाटी में आए दिन ही अब पुलिसकर्मियों पर हमले की खबरें आती हैं। पहले तो आतंकी आर्मी और बीएसएफ वालों को निशाना बनाते थे लेकिन अब पुलिस भी उनके निशाने पर है। आतंकी हमलों में पुलिस अधिकारियों के शहीद होने के बाद उनके बेसहारा परिवारों के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने यह मुहिम शुरू की है, ताकि उनके बच्चों का भरण-पोषण हो सके। उनके बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकें। जम्मू-कश्मीर पुलिस का यह कदम सराहनीय है।

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