ताज़ा खबर
 

काशी: धर्म संसद से पहले गरमाया येलो जोन में शिवलिंग गायब होने का मुद्दा, धरने पर बैठे संत

धर्म संसद होने से पहले वाराणसी में काशी विश्‍वनाथ कॉरीडोर की जद में आए एक प्राचीन मंदिर को तोड़े जाने के विरोध में गुरुवार को शंकराचार्य स्‍वामी स्‍वरूपानंद सरस्‍वती के प्रतिनिधि स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद धरने पर बैठ गए। पुलिस के समझाने के बाद उन्होंने धरना समाप्त कर दिया।

काशी विश्वनाथ

उत्तर प्रदेश के काशी विश्‍वनाथ कॉरीडोर की जद में आए एक पुराने मंदिर को तोड़े जाने के विरोध में गुरुवार को शंकराचार्य स्‍वामी स्‍वरूपानंद सरस्‍वती के प्रतिनिधि स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद धरने पर बैठ गए। मंदिर का पुनर्निर्माण कराया जाएगा इस आश्वासन के तीन घंटे बाद उन्होने धरना समाप्‍त किया। काशी के सीर गोवर्धन में पहली बार धर्म संसद 1008 का आयोजन किया जा रहा है। इसमें सनातन धर्म और समाज को लेकर चर्चा की जाएगी।

25 से 27 तक चलने वाले इस धर्म संसद की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसमें धर्माचार्य, विद्वान, नेता और आम जनता भी मौजूद रहेगी। इसी को लेकर गुरुवार को विद्या मठ के स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द अपने अनुयायी व शिष्यों के साथ धर्म यात्रा पर निकले थे। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शाम में विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में स्थापित विग्रहों के दर्शन करने पहुंचे थे। सरस्वती फाटक स्थित भारत माता मंदिर के समीप स्थित गोविंदेश्‍वर महादेव के मंदिर को टूटा देख नाराज होकर धरने पर बैठ गए।

उन्होंने प्रशासन पर मंदिर तोड़कर तीन शिवलिंगों को गायब करने का आरोप लगाया। तीन घंटे बाद रात आठ बजे सुरक्षाकर्मियों के अनुरोध पर उन्‍होंने धरना समाप्‍त कर दिया।  उन्होंने कहा कि 25 तारीख से शुरू हो रही धर्म संसद में वो विलुप्त हुए विग्रहों का मुद्दा उठाएंगे।

बता दें कि इससे पहले भी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद काशी विश्वनाथ कॉरिडोर निर्माण के दौरान विलुप्त हुए विग्रहो को लेकर धरना दे चुके हैं। 25 तारीख से शुरू हो रहे इस धर्मसंसद 1008 में 543 संसदीय क्षेत्रों से प्रतिनिधि, 170 संत विद्वान, 99 देशों से धर्मप्रतिनिधि, 8 अन्यधर्मांसद, 108 धर्माचार्य व संस्थाप्रतिनिधि, 36 धर्मसेवा प्रमुख, प्रभारी व संयोजक के साथ 36 राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App