Kasganj victim mother said her son refused to chant Pakistan Zindabad after they shot Chandan - कासगंज हिंसा: मां का दावा- मेरे बेटे ने पाकिस्तान जिंदाबाद नहीं कहा तो उसे गोली मार दी - Jansatta
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कासगंज हिंसा: मां का दावा- मेरे बेटे ने पाकिस्तान जिंदाबाद नहीं कहा तो उसे गोली मार दी

कासगंज हिंसा में मारे गए चंदन गुप्‍ता की मां संगीता गुप्‍ता ने सरकार से इंसाफ मांगा है। उन्‍होंने कहा कि क्‍या गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत माता की जय बोलने के लिए किसी से अनुमति लेनी होगी।

Author नई दिल्‍ली | January 28, 2018 8:37 AM
कासगंज में उपद्रवियों ने बस में आग लगा दी। (फोटो सोर्स: पीटीआई)

कासगंज सांप्रदायिक हिंसा में मारे गए चंदन गुप्‍ता की मां ने नया खुलासा किया है। उन्‍होंने कहा कि उनके बेटे को जबरन ‘पाकिस्‍तान जिंदाबाद’ बोलने को कहा जा र‍हा था। चंदन की मां संगीता ने कहा, ‘मुझे भी गोली मार दो। मैंने वंदे मातरम् बोला है। मैं भारत माता की जय बोलती हूं। मैं हिंदुस्‍तान जिंदाबाद’ बोलती हूं। मेरा बेटा चंदन किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं जुड़ा था। उसे पाकिस्‍तान जिंदाबाद के नारे लगाने के लिए मजबूर किया जा रहा था, लेकिन उसने इनकार कर दिया था। उन्‍होंने उसकी गोली मार कर हत्‍या कर दी।’ संगीता ने कहा कि भारत माता की जय बोलना कोई गुनाह है तो मुझे भी गोली मार दी जाए। संगीता ने कहा, ‘मैं अपने बेटे के लिए इंसाफ चाहती हूं। मेरा बेटा तो भारत माता की जय बोल रहा था। अगर मेरे बेटे ने कोई गुनाह किया तो मुझे भी गोली मार दी जाए। 26 जनवरी को मेरा बेटा हिंदुस्‍तान जिंदाबाद बोल रहा था। क्‍या हिंदुस्‍तान में रहकर ऐसा बोलने के लिए किसी से अनुमति लेनी होगी। हमें सरकार से इस बात का इंसाफ चाहिए।’ कासगंज में हिंसा भड़कने और चंदन की हत्‍या के बाद पुलिस ने अब तक 49 लोगों को हिरासत में लिया है। बता दें कि गणतंत्र दिवस के मौके पर तिरंगा यात्रा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई थी। इसमें चंदन गुप्‍ता की मौत हो गई थी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया था। हालात को देखते हुए कासगंज को छावनी में तब्‍दील कर दिया गया है।

गणतंत्र दिवस के मौके पर भड़की हिंसा पूरी तरह से काबू नहीं पाया जा सका है। शहर में अब भी तनाव बरकरार है। चंदन का शनिवार (27 जनवरी) को अंतिम संस्‍कार किया गया था। इसमें कासगंज-एटा क्षेत्र के सांसद राजवीर सिंह और इलाके के तीन विधायक भी शामिल हुए। इससे पहले साध्‍वी प्राची ने भी कासगंज में घुसने की कोशिश की थी, लेकिन प्रशासन ने उन्‍हें इसकी अनुमति नहीं दी थी। बीबीसी हिंदी के अनुसार, अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक अजय आनंद ने कहा कि हर व्‍यक्ति पर नजर नहीं रखी जा सकती है। बड़ी संख्‍या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के बावजूद शनिवार को दोबारा हिंसा भड़कने के सवाल पर उन्‍होंने कहा, ‘हर एक व्‍यक्ति पर निगरानी नहीं रखी जा सकती है। जो लोग हिंसा के लिए दोषी हैं उनके खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से मुस्‍तैद है।’

शनिवार (27 जनवरी) को शहर के सहावर गेट इलाके में करीब दो दर्जन दुकानों में लूटपाट के बाद आगजनी की कोशिश की गई थी। नदरई गेट और बाराद्वारी में कई दुकानों में आग लगा दी गई। ये दोनों इलाके कासगंज नगर कोतवाली से कुछ ही दूरी पर स्थित हैं। सांप्रदायिक हिंसा को देखते हुए शहर में सुरक्षाबलों की मौजूदगी बढ़ दी गई है। पुलिस के आला अधिकारी लगातार गश्‍त कर रहे हैं। शहर में दाखिल होने वाले लोगों की तलाशी ली जा रही है। इसके बावजूद एक रोडवेज बस समेत तीन बसों में आग लगा दी गई। बाइक को भी जला दिय गया।

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