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आइएनएक्स मीडिया मामले में कार्ति चिदंबरम गिरफ्तार, CBI को मिली पूछताछ की मंजूरी

सीबीआइ ने आरोप लगाया कि कार्ति ने कर जांच को टालने के लिए आइएनएक्स मीडिया से धन भी लिया था। उस वक्त इस कंपनी के मालिक पीटर और इंद्राणी मुखर्जी थे। इंद्राणी की बेटी शीना बोरा की हत्या के आरोप में दोनों इस वक्त जेल में हैं। ईडी ने भी इस संबंध में धनशोधन का मामला दर्ज किया है।

Author Published on: March 1, 2018 3:46 AM
कार्ति चिदंबरम। (फोटो सोर्स दूरदर्शन)

आइएनएक्स मीडिया मामले में कार्ति चिदंबरम बुधवार को गिरफ्तार कर लिए गए। वह पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे हैं। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शुरुआती जांच में अनियमितताओं के सबूत मिलने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) ने प्राथमिकी दर्ज की थी। सीबीआइ ने कार्ति को चेन्नई हवाई अड्डे से सुबह आठ बजे गिरफ्तार किया। वह ब्रिटेन से लौटे थे। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद 46 वर्षीय कार्ति को घरेलू एयरलाइंस के विमान से दिल्ली लाया गया जहां उन्हें दोपहर बाद विशेष अदालत में पेश किया गया। इस मामले में पूछताछ के लिए सीबीआइ और ईडी ने कार्ति को कई दफा समन जारी किए थे, लेकिन वे कई अदालतों से स्थगनादेश लेते रहे।

सीबीआइ ने इस मामले में पिछले साल 15 मई को प्राथमिकी दर्ज की थी। कार्ति पर आरोप है कि वर्ष 2007 में पी. चिदंबरम के केंद्रीय वित्त मंत्री रहने के दौरान आइएनएक्स मीडिया को विदेशों से करीब 305 करोड़ रुपए की एफडीआइ की मंजूरी (एफआइपीबी मंजूरी) मिलने में अनियमितताएं बरती गर्इं। नियमों को ताक पर रखकर मंजूरी दी गई। जांच एजंसियों का दावा है कि इस मामले में अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने के लिए कार्ति को 10 लाख रुपए मिले थे। ईडी का आरोप है कि आइएनएक्स मीडिया ने विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआइपीबी) की निश्चित मंजूरी के बिना विदेशी निवेश हासिल कर 305 करोड़ रुपए जुटाए। जबकि उसे केवल 4.62 करोड़ रुपए के अप्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति मिली थी।

सीबीआइ ने आरोप लगाया कि कार्ति ने कर जांच को टालने के लिए आइएनएक्स मीडिया से धन भी लिया था। उस वक्त इस कंपनी के मालिक पीटर और इंद्राणी मुखर्जी थे। इंद्राणी की बेटी शीना बोरा की हत्या के आरोप में दोनों इस वक्त जेल में हैं। ईडी ने भी इस संबंध में धनशोधन का मामला दर्ज किया है। सीबीआइ और ईडी ने चिदंबरम पिता-पुत्र के स्वामित्व वाले घरों और दफ्तरों पर कई बार छापा मारा। ईडी ने कई बार कार्ति से पूछताछ भी की। सीबीआइ वर्ष 2006 के एयरसेल-मैक्सिस सौदे में भी एफआइपीबी मंजूरी देने में कथित अनियमितता की जांच कर रही है।

जांच एजंसी का कहना है कि मामले की जांच में कार्ति सहयोग नहीं कर रहे थे। इस कारण पूछताछ के लिए उन्हें गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि आइएनएक्स का एफडीआइ प्रस्ताव मापदंडों पर खरा नहीं उतरा। इसके बावजूद कार्ति की दखल के बाद तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने तब मंजूरी दे दी थी। इस मामले में ईडी धनशोधन अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच कर रही है। इस मामले में ईडी ने पिछले सप्ताह कार्ति के चार्टर्ड अकाउंटेंट भास्कर रामन को गिरफ्तार किया था। सीबीआइ ने यह मामला ईडी के संदर्भ को देखकर ही दर्ज किया था। ईडी पहले से ही एयरसेल मैक्सिस सौदे की जांच कर रही थी तो इस दौरान आइएनएक्स मीडिया मामले से जुड़े दस्तावेज सामने आए थे। फिर सीबीआइ ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया। जांच के दौरान ईडी को कुछ ऐसे कागजात मिले, जिसमें एडवांटेज स्ट्रैटजिक कंसल्टिंग कंपनी को 10 लाख रुपए का भुगतान एफआइपीबी की मंजूरी देने के लिए कंसल्टेंसी फीस के रूप में किया गया। सीबीआइ ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद कार्ति व पीटर मुखर्जी-इंद्राणी मुखर्जी के ठिकानों पर छापा मारा था।

सीबीआइ को कार्ति से एक दिन पूछताछ की अनुमति मिली

आइएनएक्स मीडिया मामले में सीबीआइ द्वारा गिरफ्तार किए गए कार्ति चिदंबरम को बुधवार यहां दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया। अदालत ने कार्ति को एक दिन की पूछताछ हिरासत में भेजा है। सीबीआइ ने कार्ति से पूछताछ के लिए 15 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन ड्यूटी मजिस्ट्रेट सुमित आनंद ने एक दिन हिरासत की मंजूरी देते हुए स्पष्ट किया कि गुरुवार दोपहर 2.30 बजे उन्हें संबंधित विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किया जाएगा।

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