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पायजामा में विधानसभा पहुंच गए बीजेपी नेता, डाल दिया बिस्तर, आज खत्म हो सकता है कर्नाटक का नाटक

कर्नाटक के राजनीतिक संकट में राज्यपाल वजूभाई वाला ने हस्तक्षेप करते हुए राज्य सरकार को शुक्रवार दोपहर 1.30 बजे तक बहुमत साबित करन को कहा है। राज्यपाल ने इस संबंध में मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष को एक पत्र भेजा।

Author नई दिल्ली | July 19, 2019 7:42 AM
भाजपा नेता येदियुरप्पा ने विधानसभा में पार्टी नेताओं के साथ बैठक की। यहां पैजामा पहन पहुंचे भाजपा नेता (बाएं से सबसे पहले) (फोटोः पीटीआई)

कर्नाटक का सियासी संकट खत्म करने के लिए राज्यपाल खुद मैदान में उतर गए हैं। राज्यपाल ने इस संबंध में मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी को प्रथम दृष्टया अल्पमत की सरकार माना है। टेलीग्राफ की खबर के अनुसार राज्यपाल ने  कांग्रेस-जेडीएस की गठबंधन सरकार के मुखिया और मुख्यमंत्री कुमारस्वामी को शुक्रवार को 1.30 बजे तक सदन में विश्वास मत हासिल करने को कहा है।

इस संबंध में राज्यपाल वजूभाई वाला ने मुख्यमंत्री कुमारस्वामी और विधानसभा स्पीकर केआर. रमेश कुमार को पत्र भी लिखा है। ऐसे में भाजपा नेताओं ने विधानसभा में ही बृहस्पतिवार को डेरा डाल दिया था। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा समेत पार्टी के अन्य नेता बृहस्पतिवार रात विधानसभा में ही बिस्तर डाल सोए थे।

इससे पहले भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा ने पार्टी नेताओं के साथ बैठक की। बैठक में पार्टी के कई नेता मौजूद थे। इसमें पार्टी के एक नेता पायजामा पहन कर पहुंचे। इससे पहले कर्नाटक विधानसभा में मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी द्वारा पेश किए गए विश्वास मत के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही को शुक्रवार तक के लिये स्थगित कर दिया गया। सदन की कार्यवाही स्थगित होने से पहले, भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा ने घोषणा की कि उनकी पार्टी के सदस्य रातभर सदन में ही रहेंगे और विश्वास प्रस्ताव पर फैसला होने तक सदन में ही डटे रहेंगे।

संवैधानिक रूप रेखा का उल्लंघनः येदियुरप्पा ने कहा, ‘हम विश्वास मत के प्रस्ताव पर फैसला होने तक रूके रहेंगे।’ उन्होंने कहा कि विश्वास प्रस्ताव पर ठीक तरह से 15 मिनट भी चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने कहा, ‘ संवैधानिक रूपरेखा का उल्लंघन हुआ है।’ येदियुरप्पा ने कहा, ‘इसका विरोध करने के लिए हम यहां सोएंगे।’

विधायकों के इस्तीफे से संकट में सरकारः मालूम हो कि सत्ताधारी गठबंधन के 16 विधायकों के इस्तीफा देने के बाद राज्य में सरकार के लिये मुश्किलें बढ़ गई हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने एक वाक्य का प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि सदन उनके नेतृत्व वाली 14 महीने पुरानी सरकार में विश्वास व्यक्त करता है।

17 विधायक ही पहुंचे विधानसभाः सरगर्मी भरे माहौल में गुरुवार को शुरू हुई सदन की कार्यवाही में 20 विधायक नहीं पहुंचे। इनमें 17 सत्तारूढ़ गठबंधन के हैं। बागी विधायकों में से 12 फिलहाल मुंबई के एक होटल में ठहरे हुए हैं। सदन की कार्यवाही को गतिरोध के चलते दो बार थोड़ी थोड़ी देर के लिये स्थगित करना पड़ा और बाद में हंगामे के चलते कार्यवाही को दिन भर के लिये स्थगित कर दिया गया।

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