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बीमार विधायक ने बुलाया घर पर, मरीजों को छोड़ नहीं गई डॉक्‍टर, 500 किमी दूर हुआ ट्रांसफर

मरीज को छोड़कर वीवीआईपी सेवा में नहीं जाने पर कर्नाटक की एक महिला डॉक्टर का ट्रांसफर करीब 500 किलोमीटर दूर कर दिया गया।

तस्वीर का प्रयोग प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (Express File Photo)

कर्नाटक में एक वीवीआईपी मनमानी का मामला सामने आया है। आरोप है कि चार महीने पहले पेरियापटना के स्थानीय विधायक ने डॉक्टर वीणा सिंह को अपने इलाज के लिए घर बुलाया था। इस दौरान डॉक्टर किसी अन्य मरीज का इलाज कर रही थी, जिसकी वजह से वे नहीं जा पाईं। घटना के चार महीने बाद डॉक्टर वीणा का ट्रांसफर पेरियापटना के सरकारी अस्पताल से करीब 500 किलोमीटर दूर चित्रदुर्गा में कर दिया गया। घटना बीते वर्ष 18 सितंबर की है जब डॉ. वीणा नाइट ड्यूटी पर थीं और एक महिला का प्रसव करवा रही थीं। इसके साथ ही कई अन्य मरीज, जिन्हें थोड़ी-बहुत इलाज की जरूरत थी, उन्हें भी डॉ. वीणा ही देख रही थी।

पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए डॉ. वीणा ने कहा कि उस दिन 4:30 बजे शाम के बाद ड्यूटी पर वे अकेली थी। रात करीब 8:30 बजे एक सड़क हादसे में तीन लोग घायल हो गए और वे उन सभी के इलाज में जुट गई। इसके कुछ देर बाद वे मरीज की स्थिति जानने के लिए प्रसव कक्ष में गई। इस दौरान एक नर्स ने उन्हें सूचना दी कि एक ऑटो ड्राइवर उन्हें विधायक के घर पर ले जाने के लिए आया है। ऑटो ड्राइवर ने बताया है कि विधायक की तबीयत ठीक नहीं है।

डॉ. वीणा ने कर्नाटक सरकार चिकित्सा अधिकारी संघ (केजीएमओए) को लिखे पत्र में कहा, “मैं उस समय हैरान रह गई क्योंकि यह मेरे लिए नया था। साथ ही उस समय मैं अस्पताल में अकेली डॉक्टर थी। प्रसव कक्ष में एक महिला भर्ती थी। अन्य मरीज भी थे। इसलिए मैंने अपने सहयोगी मेडिकल ऑफिसर (एएमओ) डाॅ. श्रीनिवास को पूरी स्थिति के बारे में जानकारी दी।” डॉक्टर ने आगे बताया कि ऑटो ड्राइवर, जो कथित तौर पर नशे में था, को उन्होंने एएमओ से फोन पर बात करने को कहा। लेकिन ऑटो ड्राइवर ने बात करने से मना कर दिया और कहा कि विधायक खुद अस्पताल आ जाएंगे। वह वहां से चला गया। इसके बाद विधायक के लिए अस्पताल में एक बेड सुरक्षित रखा गया था।

आरोप है कि विधायक अलगे दिन सुबह 7:30 में अपने 20-25 समर्थकों व मीडिया के साथ आए। डॉक्टर ने उन्हें पूरी स्थिति समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। पूरे मामले को लेकर विधायक ने एक शिकायत दर्ज करवाई। विधायक की शिकायत के बाद चिकित्सा विभाग के निदेशक ने कहा कि डॉ. वीणा के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जाएगी क्योंकि वे गलत नहीं थी। हालांकि, सभी तरह के आश्वासन के बावजूद घटना के चार महीने के बाद डॉ. वीणा का ट्रांसफर करीब 500 किलीमीटर दूर कर दिया गया।

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