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कर्नाटक कांग्रेस में बगावत: सड़क पर उतरे व‍िधायक को मंत्री नहीं बनाने से नाराज समर्थक

गठबंधन में मंत्री पद की आस लगाए बैठे कर्नाटक कांग्रेस के विधायक संतुष्ट नहीं हैं। एक तरफ शपथ ग्रहण समारोह चल रहा था। दूसरी तरफ कांग्रेस विधायकों के समर्थक सड़कों पर अपने नेता के लिए इंसाफ और कैबिनेट में जगह मांग रहे थे।

अपने नेता को मंत्री पद न मिलने से नाराज कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन। फोटो- ANI

कर्नाटक की जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) और कांग्रेस गठबंधन सरकार के 25 कैबिनेट मंत्रियों ने बुधवार (6 जून) को शपथ ली थी। इनमें 14 विधायक कांग्रेस के हैं जबकि 9 विधायक जनता दल सेक्युलर के हैं। लेकिन गठबंधन में मंत्री पद की आस लगाए बैठे कांग्रेस के विधायक संतुष्ट नहीं हैं। एक तरफ शपथ ग्रहण समारोह चल रहा था। दूसरी तरफ कांग्रेस विधायकों के समर्थक सड़कों पर अपने नेता के लिए इंसाफ और कैबिनेट में जगह मांग रहे थे। विरोध का स्वर सबसे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक रोशन बेग के समर्थकों की तरफ से उठा। दरअसल कर्नाटक के मुस्लिमों ने जनता दल सेक्युलर को इस डर से वोट नहीं दिया था कि वह भाजपा से हाथ मिला सकती है। इसीलिए मुस्लिम मतों का ध्रुवीकरण कांग्रेस के पक्ष में हुआ था। लेकिन चुनाव के बाद बदले समीकरण में 70 से ज्यादा विधायकों वाली कांग्रेस ने जेडीएस का मुख्यमंत्री बनाना स्वीकार कर लिया था। रोशन बेग के समर्थकों की शिकायत थी कि मुस्लिम मतदाता रोशन बेग को मंत्री न बनाए जाने से खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

मंत्री पद न मिलने से असंतुष्ट कांग्रेस के दूसरे विधायकों में रामालिंगा रेड्डी का भी नाम शामिल है। उनके समर्थकों ने भी कर्नाटक की नवगठित सरकार में उनके लिए मंत्री पद की मांग रखी। समर्थकों का तर्क था कि कांग्रेस के रामालिंगा रेड्डी पूरे प्रदेश में जनता दल सेक्युलर की नीतियों के घनघोर आलोचक हैं। वह चुनाव में भी जदसे के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए लड़े थे लेकिन अब वह जनता को क्या मुंह दिखाएंगे? बता दें कि सरकार के पहले कैबिनेट विस्तार में गठबंधन के 25 विधायक शामिल किए गए हैं। इनमें 14 कांग्रेस के और 9 जेडीएस के हैं। इनके अलावा बसपा और निर्दलीय विधायक को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। राज्यपाल वजूभाई वाला ने सभी मंत्रियों को शपथ दिलवाई थी। इस दौरान मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी, उप मुख्यमंत्री जी परमेश्वर और वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

इन्हें मिली कैबिनेट में जगह

कांग्रेस: आरवी देशपांडे, डीके शिवकुमार, केजी जॉर्ज, कृष्ण बायरे गौड़ा, शिव शंकर रेड्डी, रमेश जरकिहोली, प्रियंक खड़गे, यूटी अब्दुल खादेर, जमीर अहमद खान, शिवानंद पाटिल, वेंकट रामनप्पा, राजशेखर बासवराज पाटिल, पुत्तरंगा शेट्टी, जयमाला। प्रियंक कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे हैं।

जेडीएस:एचडी रेवन्ना, बंडेप्पा काशेमपुर, जीटी देवेगौड़ा, डीसी थामन्ना, एमसी मनागुली, एसआर श्रीनिवास, वेंकटराव नाडेगौड़ा, सीएस पुत्तराजु और एसआर महेश। बता दें कि एचडी रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस चीफ एचडी देवेगौड़ा के दूसरे बेटे हैं।

बसपा: एन महेश

निर्दलीय: आर शंकर

मंत्रिमंडल में एक महिला
मंत्रिमंडल में पूर्व कन्नड़ अभिनेत्री जयमाला अकेली महिला मंत्री हैं।

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