ताज़ा खबर
 

मुसलमानों के खिलाफ बोलने पर आरएसएस नेता पर केस, दोषी हुए तो 3 साल तक जेल संभव

कुछ दिन पहले संघ नेता के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी मिलने के बाद पुलिस ने मामले में तुरंत आरोप पत्र दाखिल कर दिया।

Author Updated: March 24, 2019 9:58 AM
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) फोटो सोर्स: फाइनेंसियल एक्सप्रेस

कांग्रेस नीत कर्नाटक सरकार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एक वरिष्ठ नेता के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूदी दी है। संघ नेता प्रभाकर भट्ट के खिलाफ करीब एक साल पहले अभद्र भाषा इस्तेमाल करने के मामले दर्ज किए गए थे। चुनाव आयोग से मिली एक शिकायत के आधार पर मंगलौर पुलिस ने पिछले साल अप्रैल में संघ नेता के खिलाफ केस दर्ज किया था और उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए राज्य सरकार की अनुमति मांगी थी। सांप्रदायिक आक्रोश के लिए मशहूर भट्ट के खिलाफ आईपीसी की धारा 153A और रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपुल्स एक्ट की धारा 125 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इस धारा के तहत केस उन लोगों के खिलाफ दर्ज किया जाता है जो धर्म और नस्ल के आधार पर लोगों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देते हैं। बता दें कि इन धाराओं के तहत केस शुरू करने के लिए राज्य सरकार की मंजूरी की आवश्यकता होती है, जिसमें अधिकतम तीन साल जेल की सजा होती है।

द टेलीग्राफ में छपी एक खबर के मुताबिक कुछ दिन पहले संघ नेता के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी मिलने के बाद पुलिस ने मामले में तुरंत आरोप पत्र दाखिल कर दिया। ये आरोप पत्र दक्षिण कन्नड़ की एक जिला अदालत में दाखिल किया गया है, जिसका मैंगलोर मुख्यालय है। गौरतलब है कि संघ के खूब प्रभावशाली नेता माने जाने वाले भट श्री रामचंद्रपुरा मठ द्वारा संचालित आश्रय से गायों की कथित चोरी पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित कर रहे थे। लोगों को संबोधित करते हुए भट्ट ने तब तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर हिंदुओं की संस्कृति को नष्ट करने का आरोप लगाया।

भट्ट ने हिंदू मंदिरों में होने वाले कार्यक्रमों में मुस्लिम मंत्रियों को न्योता दिए जाने का पुरजोर विरोध किया था। उन्होंने मंत्री यूटी खादर को मंदिर में जाने दिए जाने का विरोध किया। इसके अलावा मुस्लिम मंत्री के मंदिर में जाने पर उन्होंने सफाई अनुष्ठान का सुझाव तक दे डाला। लोगों को संबोधित करते हुए संघ नेता का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें वह यह कहते हुए देखे गए, ‘क्या पंडित का दिमाग खराब हो गया है जिसने उनका (मंत्री) स्वागत किया।’ वहीं गाय आश्रय के विरोध में उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान लागू आचार संहिता का भी मजाक उड़ाया था। उन्होंने कहा, ‘बस आदर्श आचार संहिता की अनदेखी करें। उस कमेटी की कोई नैतिकता नहीं है।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 कांग्रेस नेता से रिश्तों पर सवाल, विधानसभा स्पीकर का जवाब- मैं पुरुषों के साथ नहीं सोता
जस्‍ट नाउ
X