Karnataka Election 2018: PM Narendra Modi praises Ex PM H D Devegowda, Political Equation, Muslims vote, BJP-JDS - कर्नाटक चुनाव: नरेंद्र मोदी की तारीफ एचडी देवगौड़ा को पड़ सकती है भारी, जानें गणि‍त - Jansatta
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कर्नाटक चुनाव: नरेंद्र मोदी की तारीफ एचडी देवगौड़ा को पड़ सकती है भारी, जानें गणि‍त

राज्य में करीब 16 फीसदी मुस्लिम मतदाताओं की आबादी है जो शहरी इलाके के करीब 30 सीटों पर हार-जीत तय करती है। इसके अलावा राज्य की कुल 90 विधान सभा सीटों पर मुस्लिम निर्णायक भूमिका में हैं।

Author May 3, 2018 6:09 PM
जनता दल (सेक्युलर) के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा। (फाइल फोटो)

कर्नाटक चुनाव से ठीक 10 दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने चुनाव प्रचार का आगाज करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल सेक्यूलर (जेडीएस) प्रमुख एच डी देवगौड़ा की तारीफ की और कहा कि वो सम्मानित और कद्दावर नेता हैं। मोदी ने कहा कि देवगौड़ा के लिए उनके मन में बहुत सम्मान है। दरअसल, पीएम मोदी ने पूर्व पीएम की तारीफ कर एक तीर से दो निशाने साधे हैं। पहला तो उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर राजनीतिक हमला बोला कि देवगौड़ा का अपमान कर उन्होंने राजनीतिक अंहकार दिखाया है और दूसरा उन्होंने त्रिशंकु विधानसभा होने की स्थिति में अभी से ही चुनाव बाद के गठबंधन की गेंद देवगौड़ा के पाले में फेंका है।

राजनीति के पुराने खिलाड़ी 84 साल के देवगौड़ा ने भी पीएम मोदी की तारीफ का जवाब उन्हीं के अंदाज में दिया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी जहां भी जाते हैं, उस राज्य के मर्म को समझते हैं और वहीं की बात करते हैं। इस बार भी उन्होंने कर्नाटक के संदर्भ में बात की है लेकिन देवगौड़ा ने इससे आगे बीजेपी से किसी तरह के गठबंधन से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अकेले अपने दम पर राज्य में सरकार बनाएगी। दरअसल, देवगौड़ा नहीं चाहते कि चुनावों से ऐन पहले वो बीजेपी से दोस्ती पर कुछ कहें क्योंकि उनके एक बयान से उनके सपने चकनाचूर हो सकते हैं।

राज्य में जेडीएस का वोक्कालिगा और मुस्लिम समुदाय पर अच्छा प्रभाव माना जाता है। इस बार उन्होंने मायावती की बसपा से भी गठबंधन किया है। एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी जेडीएस-बीएसपी गठबंधन को सपोर्ट किया है। लिहाजा, माना जा रहा है कि जेडीएस को दलितों-मुस्लिमों का वोट मिल सकता है। शायद यही वजह है कि जेडीएस खासकर उसके नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एच डी कुमारास्वामी कहते हैं कि वो किंगमेकर नहीं किंग बनेंगे। राज्य में करीब 16 फीसदी मुस्लिम मतदाताओं की आबादी है जो शहरी इलाके के करीब 30 सीटों पर हार-जीत तय करती है। इसके अलावा राज्य की कुल 90 विधान सभा सीटों पर मुस्लिम निर्णायक भूमिका में हैं। कांग्रेस और जेडीएस दोनों ही पार्टियां मुसलमानों का वोट पाने की जुगत में भिड़ी हैं।

अधिकांश मुस्लिम समुदाय बीजेपी का विरोध करता है। ऐसे में अगर जेडीएस ने बीजेपी के साथ किसी तरह के गठबंधन की बात अभी कही तो मुस्लिम वोट बैंक कांग्रेस की तरफ खिसक सकता है। इतना ही नहीं देश की मौजूदा परिस्थितियों में दलित भी मोदी और बीजेपी सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं। लिहाजा, देवगौड़ा की एक गलती से न सिर्फ मुस्लिम बल्कि दलित भी अंतिम क्षण में लामबंद होकर कांग्रेस की तरफ वोट कर सकते हैं। इसके बाद कुछ पिछड़ी जातियों और वोक्कालिगा समुदाय के भरोसे देवगौड़ा न सिर्फ सियासी तौर पर कमजोर होंगे बल्कि 2019 के सियासी मैदान में भी वो हाशिए पर जा सकते हैं।

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