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सात म‍िनट के कार्यक्रम में सरकार ने फूंक द‍िए जनता के 42 लाख रुपए, केजरीवाल पर दो लाख खर्च

कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमार स्वामी के शपथ ग्रहण समारोह के सात मिनट के कार्यक्रम के लिए सरकार ने 42 लाख रुपये फूंक दिए। सिर्फ अरविंद केजरीवाल पर करीब 2 लाख रुपये खर्च किए गए।

सात मिनट के कार्यक्रम पर सरकार ने खर्च किए 42 लाख (Photo source- ANI)

जनता दल (एस) द्वारा आमंत्रित कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमार स्वामी के शपथग्रहण समारोह में शामिल नेताओं ने कुमार स्वामी से ज्यादा इसे सेलिब्रेट किया। सात मिनट के इस कार्यक्रम के लिए सरकार ने जनता के 42 लाख रुपये फूंक दिए। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उपर 1.85 लाख रुपये और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्र बाबू नायडू के उपर 8.7 लाख रुपये खर्च किए गए। यह खुलासा एक आरटीआई के माध्यम से हुआ है। मुंबई मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, चंद्रबाबू नायडू ने 23 मई की सुबह 9 बजकर 49 मिनट में होटल वेस्ट इंड में चेक इन किया था और अगले दिन 24 मई को सुबह 5 बजकर 34 मिनट पर वहां से निकल गए। इस दौरान उनके उपर 8,72,485 लाख रुपये का खर्च आया। वहीं, अरविंद केजरीवाल ने भी इसी होटल में 23 मई को सुबह 9 बजकर 49 मिनट पर चेक इन किया और अगले दिन सुबह 5 बजकर 34 मिनट पर वहां से निकल गए। 71,025 का बिल आया और बेवरेज के लिए 5 हजार अलग से। सात मिनट के इस शपथ ग्रहण समारोह के लिए कर्नाटक सरकार के 42 लाख रुपये खर्च हुए।

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जानकारी के अनुसार, वर्ष 2013 में सिद्धारमैया सरकार और वर्ष 2018 में बीएस येदयुरप्पा के शपथ ग्रहण समारोह  के दौरान कर्नाटक सरकार के राज्य आतिथ्य संगठन ने मेहमानों को आवास प्रदान करने के लिए कोई पैसा नहीं खर्च किया था। यद्यपि, एचडी कुमार स्वामी के शपथग्रहण समारोह में 23 और 24 मई को दो फाइव स्टार होटल ताज वेस्ट इंड और संग्रीला में रहने और और खाने पर 37,53,536 खर्च किए गए। साथ ही 23 मई को विधान सभा बैंक्वेट हॉल में बुफे पर 4,35,001 खर्च किए थे। इसमें शामिल होने के लिए गैर-भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के अलावा 42 टॉप नेताओं को बुलाया गया था। इनमें नायडू पर सबसे ज्यादा खर्च हुआ। वहीं अभिनेता और नेता कमल हसन पर ताज वेस्ट इंड होटल में रूकने का बिल 1,02,040 रुपया आया।

 

इस पूरे मसले पर बेंगलुरु के साधारण और खास लोगों से बात की गई तो उन्होंने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। कर्नाटक के पूर्व लोकायुक्त न्यायमूर्ति संतोष हेगड़े ने कहा, “राज्य सरकार का दावा है कि विकास परियोजनाओं को लेने के लिए इसका कोई पैसा नहीं है। यह राजनीतिक दल की ज़िम्मेदारी है, जिसने इन नेताओं को खर्चों को सहन करने के लिए आमंत्रित किया। राज्य सरकार को बेंगलुरू में अपने गेस्टहाउस में आमंत्रित लोगों को समायोजित करना चाहिए था।” वहीं, बीजेपी के प्रवक्ता अश्वथ नारायण ने कहा कि, “इन नेताओं को एक खास मकसद के साथ आमंत्रित किया गया था। देवेगौड़ा तीसरे मोर्चे के नेता बनने का अवसर इस्तेमाल करना चाहते थे। यदि उनके पास कोई विवेक है, तो जनता दल (एस) बैंक खाते से राशि (42 लाख रुपये) का भुगतान करने के लिए व्यवस्था की जानी चाहिए। “

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