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गौरी लंकेश मर्डर: देश भर में व‍िरोध, सोन‍िया ने की सीएम से बात, राजनाथ ने मांगी र‍िपोर्ट

मंगलवार (पांच सितंबर) रात करीब आठ बजे कुछ लोगों ने लंकेश की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी।

बुधवार (छह सितंबर) को गौरी लंकेश की हत्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला। (PTI Photo by Shailendra Bhojak)

पत्रकार गौरी लंकेश हत्या मामले में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह एक्शन में आ गए हैं। उन्होंने गृह सचिव राजीव गोबा के जरिए कर्नाटक सरकार से पत्रकार हत्या मामले की रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है। वहीं आज (6 सितंबर) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रेस कॉन्फ्रेस कर पत्रकार गौरी लंकेश हत्या की जांच की जिम्मेदारी स्पेशल जांच एजेंसी (एसआईटी) को सौंपी। जिसके प्रमुख कर्नाटक के आईजी होंगे। इससे पहले उन्होंने सीबीआई जांच से इंकार कर दिया था। हालांकि उन्होंने सभी ऑप्शन खुले रखने की भी बात कही। दूसरी तरफ पत्रकार हत्या मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी कर्नाटक सीएम से बात की है। खबरों के अनुसार पत्रकार गौरी लंकेश ने हाल के दिनों में मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। जिसमें उन्होंने सीएम को ऐसी कोई बात नहीं बताई जिससे साबित हो की उन्हें किसी ने जान से मारने की धमकी दी थी। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री ने बताया कि आईजी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। जो जल्द ही गृह मंत्री से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री ने उन सभी एक्टिविस्टों को सुरक्षा देने की बात कही है जो प्रगतिशील प्रचार पर जोर देते हैं। सीएम के अनुसार गौरी लंकेश हत्या में भी ऐसे ही हथियार का इस्तेमाल किया गया था जिन हथियारों से पानसरे, कलबुर्गी, दाभोलकर की हत्या की गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि गौरी लंकेश हत्या को गंभीरता से लेने और जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इसके लिए एक स्पेशल टीम का गठन कर दिया गया है जो हत्या की जांच करेगी। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस अधिकारियों को गौरी लंकेश आवास पर लगे सीसीटीवी फुटेज का पासवर्ड मिल गया। सीसीटीवी फुटेज पासवर्ड की मदद से ही देखी जा सकती है।

आपको जानकारी के लिए बता दें कि मंगलवार (पांच सितंबर) रात करीब आठ बजे कुछ लोगों ने लंकेश की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी। उन्होंने अपने कन्नड़ साप्ताहिक पत्रिका में पिछले तीन महीनों में केंद्र सरकार और उसके नेताओं की आलोचना में कम से कम आठ लेख प्रकाशित किए थे। लंकेश ने अपने आखिरी साप्ताहिक स्तम्भ में गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में बच्चों की मौत और डॉक्टर कफील खान को हटाए जाने के खिलाफ लिखा था। दूसरी तरफ पत्रकार और एक्टिविस्ट गौरी लंकेश ने पिछले चौबीस घंटों में अपने ट्विटर और फेसबुक पर रोहिंग्या मुसलमानों, नोटबंदी के नुकसान, भारतीय अभिभावकों को समलैंगिकता के बारे में जागरूक करने वाले यूट्यूब वीडियो और केंद्र की नरेंद्र मोदी की आलोचना से जुड़े पोस्ट किए थे।

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