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एचडी देवगौड़ा बोले- मेरे और बेटे के जिंदा रहते मुश्किल है राज्य बंटवारा, बीजेपी को लेना पड़ा यू-टर्न

उत्तर कर्नाटक में कुल 13 जिले आते हैं। इनमें से सात जिले बॉम्बे-कर्नाटक उपक्षेत्र में और छह जिले हैदराबाद-कर्नाटक उपक्षेत्र के तहत आते हैं। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में ऊपरी कृष्णा परियोजना और कालसा-नाला-बांदुड़ी परियोजनाओं को लागू कराना और क्षेत्र के विकास के लिए फंड मुहैया कराना शामिल है।

पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा और कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे। (फोटो-PTI)

पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस सुप्रीमो एचडी देवगौड़ा ने कहा है कि उनके और उनके मुख्यमंत्री बेटे एचडी कुमारस्वामी के जिंदा रहते कोई भी ताकत कर्नाटक का बंटवारा नहीं करवा सकती है। उन्होंने उत्तरी कर्नाटक राज्य की मांग करने वालों से अपील की कि बीजेपी नेताओं के झांसे में न आएं। बता दें कि उत्तर कर्नाटक प्रत्येक राज्य होरटा समिति ने राज्य के उत्तरी 13 जिलों को मिलाकर एक अलग राज्य बनाने की मांग पर गुरुवार (02 अगस्त) को उत्तर कर्नाटका बंद बुलाया था लेकिन बीजेपी के यू-टर्न लेते ही यह मांग अब ठंडी पड़ गई है। देवगौड़ा ने कहा कि उत्तरी जिलों के साथ भेदभाव की खबरें निराधार है। बजट में इन जिलों की अनदेखी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा झूठ के सहारे राज्य में अशांति फैलाकर लोकसभा चुनाव में फायदा उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी अपने मकसद में कामयाब नहीं होगी।

इधर, मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने भी आंदोलनकारियों से बातचीत की पहल की है और उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं। दरअसल, अलग राज्य की मांग बीजेपी नेताओं ने ही रखी थी लेकिन जब पार्टी के बड़े नेताओं को लगा कि अलग राज्य की मांग पार्टी के लिए घाटे का सौदा हो सकता है, तब यू-टर्न ले लिया। खुद येदियुरप्पा मुंबई-कर्नाटक क्षेत्र के बेलगाम में पहुंचकर लोगों से अलग राज्य की मांग छोड़ देने को कहा। हालांकि, उन्होंने इस संकट के लिए कुमारस्वामी सरकार को दोषी ठहराया। सीएम ने भरोसा दिलाया है कि वो आने वाले दिनों में उन सभी 13 जिलों का दौरा करेंगे और पिछड़ेपन का जायजा लेंगे।

बता दें कि उत्तर कर्नाटक में कुल 13 जिले आते हैं। इनमें से सात जिले बॉम्बे-कर्नाटक उपक्षेत्र में और छह जिले हैदराबाद-कर्नाटक उपक्षेत्र के तहत आते हैं। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में ऊपरी कृष्णा परियोजना और कालसा-नाला-बांदुड़ी परियोजनाओं को लागू कराना और क्षेत्र के विकास के लिए अधिक फंड मुहैया कराना शामिल है। इस बंद को उत्तर कर्नाटक विकास वेदिका का भी समर्थन हासिल था जिसने बुधवार की रात आंदोलन वापस ले लिया। बंद को इन दो संगठनों के अलावा कुल 20 संगठनों और 30 मठों समेत इलाके के कई किसान संगठनों का भी समर्थन हासिल था। बीजेपी के दो क्षेत्रीय विधायक उमेश काती और बी श्रीरामुलु इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे थे।

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