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भाजपा कार्यकर्ताओं ने गौमूत्र छ‍िड़क क‍िया सरकारी ब‍िल्‍ड‍िंग को शुद्ध, कहा- बीफ खाने से नापाक हो गई थी इमारत

मैसूर के जिलाधिकारी ने सेमिनार आयोजित करने वाली संस्था और उसके प्रबंधकों को नोटिस भेजा है।
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर। (Representative Image)

बीफ खाने की शिकायत पर बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा सरकारी बिल्डिंग में गौमूत्र छिड़क कर उसका शुद्धिकरण करने का मामला सामने आया है। यह घटना कर्नाटक की है। दरअसल, मैसूर के सरकारी बिल्डिंग मैसूर कला मंदिर में फूड हैबिट्स पर चार्विका संस्था द्वारा तीन दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया था। सेमिनार के आखिरी दिन मैसूर यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर और वामपंथी बुद्धिजीवी के एस भगवान भी मौजूद थे। आरोप है कि सेमिनार के आखिरी दिन भगवान के साथ ही अन्य लोगों ने वहां मीट खाया था। इसी सूचना पर बीजेपी कार्यकर्ता वहां गौमूत्र के साथ पहुंच गए और आरोप लगाया कि उनलोगों ने मीट नहीं बीफ खाया था। इसलिए कला मंदिरा का शुद्धिकरण कर रहे हैं।

मैसूर के जिलाधिकारी ने सेमिनार आयोजित करने वाली संस्था और उसके प्रबंधकों को नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि सरकारी बिल्डिंग में सेमिनार के अलावा भोजन करने की अनुमति नहीं थी। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने संस्था द्वारा जमा कराई गई पांच हजार की धरोहर राशि (सिक्योरिटी मनी) जब्त कर ली है।

मैसूर के डिप्टी कमिश्नर रणदीप डी ने न्यूज 18 को बताया है कि जिला प्रशासन ने सेमिनार आयोजन करने वाली संस्था को बीफ या मीट खाने की शिकायत पर नोटिस नहीं जारी किया है। उनसे सिर्फ सरकारी इमारत में बगैर इजाजत के भोजन करने पर सवाल-जवाब किया गया है। उन्होंने कहा, कला मंदिर के अंदर भोजन परोसने पर आयोजकों को नोटिस भेजा गया है।

बता दें कि कला मंदिर एक ऐतिहासिक स्थल है, जहां भोजन के लिए प्रशासन से लिखित मंजूरी लेना अनिवार्य है। डिप्टी कमिशनर के मुताबिक संस्था ने सिर्फ सेमिनार करने की इजाजत ली थी भोजन करने या कराने की नहीं और न ही ऐसा करने से पहले जिला प्रशासन को कोई सूचना दी थी। गौरतलब है कि देश में बीफ खाने पर साम्प्रदायिक उन्माद की खबरें आजकल आम हैं। तीन दिन पहले ही बीफ के शक पर उन्मादी भीड़ ने दिल्ली से हरियाणा जा रही पैसेंजर ट्रेन में एक किशोर की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी और उसे चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया था।

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