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कर्नाटक उपचुनावों में BJP की नई चाल, कांग्रेस-JDS से आए उम्मीदवारों को बता रही भविष्य का मंत्री

बागी विधायकों पर हमला करते हुए कांग्रेस विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने रविवार को कहा कि उन्हें वोट मांगने में शर्म आनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट है भाजपा और अयोग्य विधायकों को हराना है। यह शीशे की तरफ साफ है।’

Author बेंगलुरु | Updated: November 17, 2019 10:45 PM
प्रतीकात्मक तस्वीर

कर्नाटक की सरकार के लिए विधानसभा की 15 सीटों पर हो रहे उपचुनाव के नतीजे अहम हैं इसलिए भाजपा जीत सुनिश्चित करने के लिए अपने प्रत्याशियों को भविष्य के मंत्री के तौर पर पेश कर रही है। इनमें से अधिकतर विधायक कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन से बगावत करने की वजह से अयोग्य करार दिए गए हैं। वहीं कांग्रेस और जनता दल (सेकुलर) ने इन विधायकों की हार सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है और उन्होंने मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा की ओर से प्रत्याशियों को मंत्री पद के प्रत्याशी के रूप में पेश करने पर आपत्ति दर्ज की है।

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष जुलाई में बागियों के समर्थन वापस लेने की वजह से राज्य की कांग्रेस -जनता दल (सेकुलर) गिर गई थी। इसके बाद बागियों को अयोग्य करार दिया गया और भाजपा के लिए सत्ता पर काबिज होने का रास्ता साफ हुआ। कांग्रेस ने शनिवार को चुनाव आयोग में दाखिल याचिका में कहा कि येदियुरप्पा का प्रत्याशियों को मंत्री प्रत्याशी होने संबंधी बयान मतदाताओं को लुभाने एवं प्रभावित करने के लिए है ताकि भाजपा की जीत तय की जा सके।
कांग्रेस और जद(एस) के नेताओं ने कहा कि अयोग्य करार दिए गए विधायकों की हार सुनिश्चित करना उनका मुख्य एजेंडा है।

उल्लेखनीय है कि पांच दिसंबर को होने वाले उपचुनाव के लिए सोमवार को नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन है। दोनों दलों के बागी 17 विधायकों में से 16 विधायक उच्चतम न्यायालय से चुनाव लड़ने की अनुमति मिलने के एक दिन बाद 14 नवंबर को भाजपा में शामिल गए थे। भाजपा ने 13 बागी विधायकों को उनके अपने निर्वाचन क्षेत्र से टिकट दिया है। येदियुरप्पा ने रविवार को सभी 15 सीटों पर जीत का दावा करते हुए कहा कि वह सभी सीटों पर प्रचार करेंगे। हालांकि सरकार बनाए रखने के लिए भाजपा को छह सीटों पर ही जीत की जरूरत होगी।

मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा कि कुछ राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने कहा कि भाजपा प्रत्याशियों को हराना ही उनका लक्ष्य है, लेकिन जनता उन्हें सही जवाब देगी। उन्होंने कहा, ‘‘ सुशासन एवं येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री बनाने के लिए उन्होंने (बागी) इस्तीफा दिया और (गठबंधन सरकार से) बाहर आए। अगर लोग येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री बने रहने देना चाहते हैं और विकास चाहते हैं, अगर उनमें बहुमत की सरकार की इच्छा है तो मुझे पूरा भरोसा है कि वे भाजपा का समर्थन करेंगे।’’ येदियुरप्पा ने कांग्रेस की आपत्ति पर कहा कि प्रत्याशी के जीतने पर मंत्री बनाने का वादा करने में कुछ भी गलत नहीं है।

बागी विधायकों पर हमला करते हुए कांग्रेस विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने रविवार को कहा कि उन्हें वोट मांगने में शर्म आनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट है भाजपा और अयोग्य विधायकों को हराना है। यह शीशे की तरफ साफ है।’’ सिद्धरमैया ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने उनकी अयोग्यता बरकरार रखी और अब लोग उपचुनाव में उन्हें सबक सिखाएंगे।

जद (एस) नेता एच डी कुमारस्वामी ने कहा कि अयोग्य करार दिए विधायकों को हराना उनकी मुख्य रणनीति है। उनकी पार्टी अकेले उपचुनाव लड़ रही है।
जद(एस) के वयोवृद्ध नेता एच डी देवगौड़ा ने दावा किया कि मुख्यमंत्री अयोग्य विधायकों की जीत को लेकर ‘उद्विग्र’ हैं, इसलिए मतदाताओं को लुभाने के लिए वह उन्हें मंत्री बनाने का बयान दे रहे हैं।

उपचुनाव में कांग्रेस की रणनीति के बारे में सिद्धरमैया ने कहा कि हमारी कोशिश सभी 15 सीटें जीतने की है लेकिन हम 12 सीटें जीतेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी यह चुनाव एकीकृत नेतृत्व में लड़ रही है और कोई बागी नहीं है। छह प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी करने के बाद कांग्रेस ने रविवार को यशवंतपुर से पी. नागराज को प्रत्याशी बनाने की घोषणा की।जद (एस) को अब भी चार सीटों पर प्रत्याशियों के नामों का ऐलान  करना बाकी है।

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