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RSS कार्यकर्ता की हत्या के आरोपी की कोर्ट से गुहार- जेल में वेस्टर्न टॉयलेट नहीं, दे दें जमानत

हत्या के आरोपी वसीम अहदम ने कोर्ट में अपने बाएं घुटने में परेशानी की बात कही थी और कहा कि जेल में वेस्टर्न टॉयलट नहीं है और उसे इंडियन कमोड पर बैठने में परेशानी होती है। लिहाजा, उसे जमानत दे दी जाए।

इस तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है. (फोटो सोर्स: एक्सप्रेस आर्काइव)

आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या के आरोपी ने अपनी जमान की ऐसी वजह बताई कि उच्च अदालत को भी सोचना पड़ गया। राष्ट्रीय स्यवं सेवक संघ (आरएसएस) नेता रुद्रेश की हत्या के आरोपी वसीम अहमद (34) ने बेंगलुरू के परप्पन जेल और विक्टोरिया अस्पताल में वेस्टर्न टॉयलट नहीं होने का आधार बनाकर जमानत के लिए अनुरोध किया था। वसीम अहमद ने एनआईए की स्पेशल कोर्ट में अपने बाएं घुटने में परेशानी की बात कही थी और कहा था कि उसे इंडियन टॉयलट में बैठने पर परेशानी होती है। लिहाजा, उसके इलाज के लिए जमानत दी जाए। लेकिन, स्पेशल कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके बाद उसने 6 फरवरी 2019 को हाईकोर्ट से गुहार लगाई।

वसीम ने कहा कि उसे घुटनो की सर्जरी की सख्त दरकार है और विक्टोरिया अस्पताल में भी वेस्टर्न कमोड नहीं है। लिहाजा, उसे जमानत दी जाए, ताकि वह निजी खर्च पर प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा सके। हाई कोर्ट ने विक्टोरिया अस्पताल के साथ-साथ जेल में वेस्टर्न कमोड होने की तफ्तीश कराई और अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा। बाद में इस बात की पुष्टि हुई कि दोनों जगहों पर वेस्टर्न कमोड से लैस टॉयलट मौजूद थे। जिसके बिना पर हाईकोर्ट ने वसीम की जमानत याचिका खारिज कर दी।

यदि परप्पन अग्रहारा केंद्रीय कारागार और विक्टोरिया अस्पताल में वेस्टर्न टॉयलट नहीं होते तो शायद वसीम को जमान मिल जाती। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक जिस जेल में आरोपी बंद है उसकी बैरकों और ब्लॉक में 10 के करीब टॉयलट हैं। वहीं, अस्पताल के वार्ड में भी चार वेस्टर्न टॉयलट हैं। जस्टिस केएन फनींद्र और जस्टिस नटराजन ने एनआईए की विशेष अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए अधिकारियों को आरोपी वसीम को इलाज संबंधी सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

सरकारी वकील के मुताबिक यह कोई साधारण मामला नहीं है, आरोपी पर आतंक जैसे गंभीर आरोप हैं। गौरतलब है कि 16 अक्टूबर 2016 को पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया के सदस्य वसीम ने मामले में सह-अभियुक्त मोहम्मद सादिक के साथ मिलकर रुद्रेश की बीच सड़क पर धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी थी। रुद्रेश उस वक्त आरएसएस की वर्दी में थे और अपने दोस्त के साथ शिवाजीनगर के एक मेडिकल स्टोर पर खड़े थे। अदालत में एनआईए ने कहा था कि वसीम ने रुद्रेश की बेरहमी से हत्या करने के बाद भड़काऊ नारेबाजी भी की थी। उसने आरएसएस नेता की हत्या इसलिए किया ताकि खास समुदाय में डर पैदा हो सके।

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