कर्नाटक चुनाव नतीजे: इन दो मुस्लिम नेताओं ने रखी जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन की नींव - karnataka election results 2018 Congres-JDS Alliance Live Updates: two Muslim leaders each from Congress and JDS were quietly discussing alliance issue - Jansatta
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कर्नाटक चुनाव नतीजे: इन दो मुस्लिम नेताओं ने रखी जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन की नींव

मंगलवार के दिन जैसे ही चुनावी समीकरण साफ होने लगे, परिस्थितियों को भापते हुए गुलाम नबी आजाद ने दोपहर करीब 12:30 जेडीएस नेता दानिश अली को फोन किया और फोन पर सिद्धारमैया को लाए, जिन्होंने जेडीएस नेता से बात की।

मतदान के तुरंत बाद यानी 13 मई को दोनों नेताओं के बीच दिल्ली एक होटल में मीटिंग हुई। (एपी फोटो)

15 मई, 2018 से पहले एक दूसरे की धुर विरोधी रहीं कांग्रेस और जेडीएस के बीच गठबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका किसने निभाई? इस सवाल का जवाब कर्नाटक की दिलचस्प राजनीति में रूचि रखने वालों लाखों लोग अभी जानने के इच्छुक होंगे। चलिए हम आपको बताते हैं। दरअसल दोनों पार्टियों को करीब लाने का काम इनके मुस्लिम नेताओं ने किया। जिनके नाम हैं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद और जेडीएस प्रमुख एचडी देवगौड़ा के विश्वासपात्र और पार्टी महासचिव दानिश अली। वर्तमान में आजाद विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं जबकि दानिश अली एक दशक से ज्यादा वक्त से राज्यसभा सांसद हैं। मतदान के तुरंत बाद यानी 13 मई को दोनों नेताओं के बीच दिल्ली एक होटल में मीटिंग हुई। दोनों नेताओं के बीच चाय पर चर्चा के दौरान राज्य की धर्मनिरपेक्षता और कर्नाटक का गौरव जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने अपने-अपने संगठनों में हिंदू मित्र होने पर भी मजाक किया। इस दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन को लेकर भी बातचीत हुई।

मंगलवार के दिन जैसे ही चुनावी समीकरण साफ होने लगे, परिस्थितियों को भापते हुए गुलाम नबी आजाद ने दोपहर करीब 12:30 जेडीएस नेता दानिश अली को फोन किया और फोन पर सिद्धारमैया को लाए, जिन्होंने जेडीएस नेता से बात की। सिद्धारमैया की तरफ से हरी झंडी मिलने के बाद दानिश अली बताया कि बसपा प्रमुख मायावती भी इस गठबंधन पर समहत हो जाएंगी। इसके तुरंत बाद देवगौड़ा और आजाद को बताया गया कि गठबंधन के बारे वह आलाकमान को जानकारी दे दें। इस समय तक भाजपा 104 सीटों सीटों पर आगे चल रही थी जबकि कांग्रेस 60 और जेडीएस 40 सीटों पर आगे चल रही थी।

गौरतलब है कि दोनों मुस्लिम नेताओं की बदौलत घंटों में ही सबसे बड़ी पार्टी भाजपा को पीछे छोड़ते हुए कांग्रेस और जेडीएस ने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया। सिद्धारमैया और एचडी कुमारस्वामी उसी दिन राज भवन पहुंच गए। हालांकि अभी तक कांग्रेस और जेडीएस नेताओं की राज्यपाल से मुलाकात नहीं हो सकी है।

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